मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को हिमाचल विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2020-21 का बजट पेश किया। 49,131 करोड़ रुपये के इस वार्षिक बजट में पिछले बजट से दस फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। बजट में हिमाचल के हर वर्ग की नब्ज पकड़ने की कोशिश की है। इसमें किसानों, बागवानों, पशुपालकों, महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों आदि पर फोकस है। बजट में कई कर्मचारियों और कामगारों के मानदेय बढ़ाए हैं। विधायकों की निधि बढ़ाने सहित 25 नई योजनाओं की घोषणा की है।
सीएम जयराम ठाकुर ने अपने कार्यकाल का यह तीसरा बजट पेश कर इसमें खर्चे घटाने और राजस्व प्राप्तियां बढ़ाने पर जोर है। निवेश को बढ़ाने के लिए भी इस बजट में हवाई, सड़क, रोप-वे आदि के निर्माण भी खास ध्यान है। 15वें वित्तायोग की सिफारिशों पर केंद्र से मिले करीब 11 हजार 431 करोड़ रुपये के राजस्व घाटा अनुदान ने अगले वित्त वर्ष के इस बजट को बनाने में खासी मदद की है। इससे इस बजट में राजस्व घाटा कम होने का अनुमान है। पिछले वित्तीय वर्ष में राजस्व घाटा 2 हजार 219 करोड़ रुपये था जो इस बार घटकर 684 करोड़ रुपये तक लुढ़क आया है, यह राहतप्रद है।
मुख्यमंत्री ने बजट पेश करने से पहले हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने के 50 साल पूरे होने पर बधाई दी। जयराम बोले कि सरकार ने जनता से सीधा संवाद स्थापित किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्नेह का भी आभार व्यक्त किया। सीएम बोले कि सरकार ने भाजपा के स्वर्णिम दृष्टिपत्र को नीतिगत दस्तावेज बनाकर विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान सरकार ने प्रदेश का बेहतरीन आर्थिक प्रबंधन किया है। इसमें केंद्र सरकार का भी सहयोग लिया है।
सीएम ने लैपटॉप पर पहली बार पढ़ा पेपरलैस बजट
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने लैपटॉप पर पहली बार पेपरलैस बजट पढ़ा। सीएम ने सत्र शुरू होने से आधा घंटा पहले उन्होंने पहली बार ई-विधान की मदद से लैपटॉप बजट भाषण पढ़ने की प्रैक्टिस भी की। लैपटॉप पर लाइट पड़ने के बावजूद उन्हें इसे पढ़ने में दिक्कत हुई, मगर वह दो घंटे 45 मिनट तक इसे पढ़ते रहे।
अटल पेंशन योजना का इन्हें भी मिलेगा लाभ
अटल पेंशन योजना के तहत अभी 86 000 मनरेगा कार्यकर्ता, कृषि-बागवानी कामगार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, मिड डे मील कार्यकर्ता इत्यादि लाभ ले रहे हैं। वर्तमान लाभार्थियों और नए लोगों को पेंशन सुविधा का लाभ लेने के लिए इस योजना को 31 मार्च 2021 तक बढ़ाने की घोषणा की गई। वर्ष 2020-21 में इसके लिए 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। आंगनबाड़ी, आशा, जल वाहक, वाटर गार्ड, मिड डे मील, सिलाई अध्यापिकाओं आदि को भी बीमा योजना में शामिल किया जाएगा।
सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और विश्वविद्यालयों व स्वायत्त निकायों के नियमित अंशकालिक, अनुबंध और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की व्यक्तिगत समूह दुर्घटना बीमा योजना के बीमा कवर को बढ़ाने की घोषणा की गई है। दुर्घटना बीमा होने पर सुनिश्चित बीमा राशि को मृत्यु अथवा पूर्ण विकलांगता पर दो लाख रुपये की राशि को बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया गया है। आंशिक क्षति की दशा में यह धनराशि एक लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये की गई है। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को थोड़ा सा अधिक प्रीमियम देना होगा, जो बाद में तय होगा।
वर्तमान में 70 फीसदी से ज्यादा अस्थि बाधित विकलांग और दृष्टिबाधित सरकारी कर्मचारी को 500 रुपये प्रति माह मिलने वाला वाहन भत्ता बढ़ाकर 750 रुपये प्रति माह किया जाएगा। अवैध खनन पर पैनी नजर रखने के लिए प्रदेश के खनन की शिकायतें आने वाले स्थानों में10 समर्पित खनन चेक पोस्ट स्थापित करने की जाएंगी ताकि अवैध खनन को रोका जा सके। इनका संचालन संयुक्त रूप से उद्योग व पुलिस विभाग की ओर से किया जाएगा।
दो हजार बढ़ा युद्ध जागीर लाभार्थियों का अनुदान
शिमला। मुख्यमंत्री ने अपने बजट में देश की रक्षा करने वाले सैनिकों और अर्ध सैनिक बलों के जवानों के लिए भी बड़ी घोषणा की है। इसके तहत युद्ध जागीर के लाभार्थियों को मिलने वाली वार्षिक अनुदान राशि को पांच से बढ़ाकर सात हजार रुपये किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश में जहां भी पूर्व सैनिकों के लिए आर्मी कैंटीन की व्यवस्था नहीं है, वहां पर कैंटीन या विस्तार काउंटर खोलने के लिए प्रदेश सरकार केंद्र सरकार से अनुरोध करेगी। इसके लिए अस्थायी लागत सहित बुनियादी ढांचा राज्य सरकार खुद उपलब्ध कराएगी। जनजातीय क्षेत्रों विकास के लिए वर्ष 2020-21में 1,758 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।
स्कूलों में स्वस्थ बचपन योजना शुरू होगी
सरकार ने प्राथमिक पाठशालाओं में प्री प्राइमरी कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया है। इन सभी प्री प्राइमरी कक्षाओं के विद्यार्थियों को दोपहर के भोजन की व्यवस्था के लिए एक नई योजना 'स्वस्थ बचपन' शुरू की जाएगी। योजना के तहत बच्चों को स्कूलों में ही भोजन की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही पहली से आठवीं तक के सभी बच्चों को सप्ताह में एक दिन अतिरिक्त पौष्टिक आहार जैसे दूध या स्थानीय फल की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए 11 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया जाएगा।
90,000 किसानों को कृषि कोष में 20 करोड़
प्रदेश के 90000 किसानों को कृषि कोष का लाभ मिलेगा। कृषि उत्पादक संगठन (एफपीओ) किसानों, बागवानों, दुग्ध उत्पादकों, मछुआरों, दुग्ध उत्पादकों आदि प्राथमिक उत्पादकों के निकाय हैं। उन्हें ग्रेडिंग पैकिंग, मशीनों, परिवहन, भंडारण गोदाम जैसे बुनियादी ढांचे की जरूरत है। एफपीओ को मजबूत करने के लिए 20 करोड़ कृषि कोष में दिए हैं।
20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को 25 करोड़
प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना से 20 हजार किसानों को जोड़ा जाएगा। इस योजना पर सरकार 25 करोड़ खर्च करेगी। पहले 50 हजार किसानों को इस योजना से जोड़ा जा सका है। अब इससे एक लाख किसानों को जोड़ा जाएगा और उनको प्रशिक्षण देंगे।
विभिन्न सिंचाई योजनाएं पर खर्च होंगे 1024 करोड़
राज्य में विभिन्न सिंचाई योजनाएं पर 1024 करोड़ खर्च होंगे। प्रधानमंत्री सिंचाई योजना को 338 करोड़ की लागत से 111 लघु सिंचाई योजनाएं बनेंगी। केंद्र सरकार से अभी तक 202 करोड़ मिले हैं। इसके अतिरिक्त 3,534 हेक्टेयर भूमि पर 87.35 लाख की लागत से 4 और लघु सिंचाई योजनाएं बनेंगी।
खाली कृषि भूमि में खेती करेंगे हिमाचली युवा
प्रदेश के कई लोगों ने कृषि भूमि पर खेती करनी छोड़ दी है। ऐसी कृषि भूमि हिमाचली युवाओं को दी जाएगी ताकि कृषि उत्पादन बढ़ाया जा सके। सभी दलों के सदस्यों की एक कमेटी बनेगी। इसके बाद हिमाचली कृषक को यह जमीन देने से पहले अध्ययन करके सुझाव देगी ताकि खाली भूमि में फसलें उगाई जा सकें।
खरीफ और रबी से पहले किसान मेले लगेंगे
राज्य में खरीफ और रबी फसलों की बिजाई से पहले किसान मेले लगेंगे। इनमें कृषि बागवानी, विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिक, बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी भाग लेंगे। कृषकों को तकनीकी और ऋण जानकारी देंगे। प्रभावी जल संरक्षण के बारे में जानकारी देंगे। फिन्ना सिंह मध्यम सिंचाई परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के प्रयास किए जाएंगे। नादौन सिंचाई योजना से 3000 हेक्टेयर भूमि और फिन्ना सिंह योजना से 4000 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
हिमाचल के हर ब्लाक में लगेंगे किसान और बागवान मेले
हिमाचल के हर ब्लाकों में किसानों और बागवानों के लिए किसान मेले लगेेंगे। खरीफ और रबी फसलों की बिजाई से पहले किसानों को विशेष रुप से जागरूक किया जाएगा ताकि उनको कृषि ऋण और तकनीकी जानकारी हासिल कर सकेंगे। राज्य में खरीफ और रबी फसलों की बिजाई से पहले किसानों और बागवानों को किसान जागरूता मेलों से कृषि और बागवानी फसलों की पैदावार बढ़ाने में मदद मिलेगी। इन मेलों में कृषि और बागवानी, विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों, बैकों के अधिकारी और कर्मचारी को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा।
पहली बार हवाई कनेक्टिविटी के लिए 1013 रुपये खर्च होंगे
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पहली बार हवाई कनेक्टिविटी पर जोर दिया है। उन्होंने हवाई सेवाओं के लिए 1,013 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है। हिमाचल में 5 हेलीपोर्ट का निर्माण होगा। नारकंडा से हाटू तक दो रोप-वे बनाया जाएगा। सीएम ने अपने बजट भाषण में चंबा को उड़ान टू में शामिल करने की घोषणा की है। इसी तरह पर्याप्त अनुभव पर जिला मुख्यालय में भी हेलीपोर्ट बनाने की बात कही है। सीएम ने बगलामुखी (मंडी) और नारकंडा से हाटू माता मंदिर तक दो रोप-वे के निर्माण की घोषणा की है। इनका निर्माण पीपीपी मोड के तहत होगा।
हेली टैक्सियों को मिलेगी गति
हिमाचल में पांच नए हेलीपोर्ट बनेंगे। हेली टैक्सी को गति देने के लिए यह फैसला लिया गया है। इनके बाद प्राप्त अनुभव के आधार पर चरणबद्ध तरीके से सभी जिला मुख्यालय पर हेलीपोर्ट निर्मित किए जाएंगे।
शिमला और कांगड़ा हवाई अड्डों का विस्तारीकरण होगा
शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कांगड़ा और शिमला हवाई अड्डों के विस्तार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। सरकार कांगड़ा और शिमला के हवाई अड्डों के विस्तारीकरण को आवश्यक भूमि उपलब्ध कराएगी। मंडी में ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के निर्माण के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ एमओयू हुआ है। इन हवाई अड्डों के विस्तार और मंडी में नए हवाई अड्डे के निर्माण से हिमाचल में पर्यटकों को यातायात के लिए वैकल्पिक साधन उपलब्ध होंगे।
ऑनलाइन होगा आबकारी एवं कराधान विभाग
शिमला। प्रदेश में राजस्व के बड़े माध्यम के तौर पर देखे जाने वाले आबकारी एवं कराधान विभाग को पूरी तर ऑनलाइन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बजट के दौरान कहा कि जीएसटी प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा ताकि राजस्व में आवश्यक बढ़ोतरी और संसाधन लोक हित में उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही आबकारी व्यवस्था को भी पूरी तरह ऑनलाइन और सरल किया जाएगा ताकि, प्रक्रिया पारदर्शी बने और राजस्व में बढ़ोतरी बनी रहे।
गरीबों को घर के साथ बिजली और पानी
प्रदेश के गरीब व पात्रों को नल, बिजली व शौचालय की सुविधा सहित एक घर उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके लिए ‘जल जीवन मिशन’ और ‘रोशनी’ योजनाओं के साथ तालमेल बिठाकर आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। पिछले बजट में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सभी आवास योजनाओं के तहत 20 हजार रुपये प्रति लाभार्थी अतिरिक्त अनुदान देने की घोषणा की थी।
इस बार 20 हजार रुपये अतिरिक्त अनुदान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत भी प्रदान किया जाएगा। आवास बनाने के लिए उपदान के लिए अनुसूचित जाति वर्ग के आवेदन लंबित हैं। 2022 तक इन सभी लंबित पात्र आवेदकों को इस योजना के तहत लाभान्वित कर दिया जाएगा।
आवास योजनाओं के तहत 10 हजार नए लाभार्थियों को मिलेगा लाभ
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2020-21 में प्रदेश के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में विभिन्न आवास योजनाओं के तहत 10 हजार नए लाभार्थियों को लाभ पहुंचाया जाएगा जोकि पिछले वर्ष के लक्ष्य से दोगुना से भी अधिक है। इन आवासों का निर्माण निम्न घटकों से किया जाएगा।
1.अनुसूचित जाति के पात्र व्यक्तियों के लिए 5100 आवास जिसके लिए 'स्वर्ण जयंती आश्रय योजना' की घोषणा की गई है।
2. मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 3100 आवास।
3. प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 1000 आवास।
4. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 800 आवास।
203. आवास के क्षेत्र में प्रदेष सरकार का यह एक
इस मकसद के लिए 160 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
925 किलोमीटर कच्ची और 1800 किलोमीटर पक्की सड़कें बनेंगी
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वर्ष 2020-21 में 925 किलोमीटर कच्ची और 1800 किलोमीटर सड़कों को पक्का करने की घोषणा की है। इसके अलावा 900 किलोमीटर सड़कों पर क्रॉस ड्रेनेज और 75 पुलों का भी निर्माण होगा। सरकार ने 90 गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने का फैसला लिया है। हिमाचल की 39 पंचायतों में सड़क सुविधा मुहैया कराई जाएगी। पंचायतों के अतिरिक्त 100 से 249 तक की जनसंख्या वाली बस्तियों को भी सड़क से जोड़ने का प्रावधान है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के लिए 3,986 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया है।
नेशनल हाईवे विकसित होंगे
मुख्यमंत्री ने पांवटा साहिब-गुम्मा- फीड्स, पुल और हमीरपुर-मंडी- ग्रीन नेशनल हाइवे में विकसित किए जाएंगे। भू अधिग्रहण के इसका काम शुरू होगा। नेशनल हाइवे इंटर-कनेक्टिविटी इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट चरण -1 के तहत कीरतपुर साहिब-मनाली, शिमला - परवाणू, और धर्मशाला-गगरेट पर 35 करोड़ से नेशनल हाइवे सेफ्टी सिस्टम का कार्य आरंभ होगा। परवाणू-सोलन और कीरतपुर-मनाली राष्ट्रीय राज्यमार्गों पर फोरलेन का कार्य शुरू होगा। पिंजौर-बद्दी-नालागढ़, शिमला-मटौर और पठानकोट-चक्की-मंडी सड़कों की फोरलेनिंग भू अधिग्रहण और डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी होगी।
स्टेट रोड ट्रांसफार्मेशन प्रोजेक्ट में 650 किमी सड़कें ठीक होंगी
मुख्यमंत्री ने स्टेट रोड ट्रांसफार्मेशन प्रोजेक्ट के तहत 650 किमी लंबे सड़क मार्ग को ठीक किया जाएगा। प्रथम चरण में 130 किलोमीटर लंबी चार सड़कों के उन्नयन का कार्य भी आरंभ किया जाएगा।
बर्फ हटाने को आधुनिक मशीनरी खरीदेगी सरकार
शिमला। सड़कों और भवनों की गुणवत्ता के लिए ईपीसी प्रणाली शुरू होगी। सड़क से बर्फ हटाने के लिए आधुनिक स्नो ब्लोअर, स्नो फ्लोअर, आइस ब्रेकर, साल्ट एंड सैंड स्प्रेअर्स खरीदे जाएंगे। भवन निर्माण और पार्किंग स्थलों के लिए प्रे फेबिरेकेटिव मैटीरियल का प्रयोग किया जाएगा। स्टील और क्रैश बैरियर, सड़कों को चौड़ा करने, सड़कों और पुलों की सुरक्षा आदि की जांच के लिए 44 करोड़ रुपये खर्च होंगे। राष्ट्रीय और राज्य उच्च मार्गों पर शौचालय निर्माण तथा अन्य सुविधाओं उपलब्ध के लिए पॉलिसी बनाई जाएगी।
250 नई बसें खरीदीं जाएंगी, 1327 पद भरे जाएंगे
हिमाचल के शहरों में वातानुकूलित और सुपर डीलक्स बसें चलेंगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में तीन नए बस अड्डे दाड़लाघाट, ननखड़ी और बालीचौकी में बनाए जाएंगे। बरच्छवाड़, थुनाग, करसोग, भंजराडू, ठियोग और अंब में निर्माणाधीन अड्डों का कार्य शीघ्र पूरा होगा।
नाहन बस अड्डे पर बहुमंजिला पार्किंग स्थल और बंजार में पार्किंग ब्लॉक का निर्माण होगा। इस पर सरकार 17.50 करोड़ खर्च करेगी। उन्होंने एचआरटीसी में विभिन्न श्रेणियों के 1327 पदों को भरने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल के बड़े शहरों में वातानुकूलित और सुपर डीलक्स बसें चलाने की घोषणा की है। साथ ही 100 नई विद्युत संचालित बसों सहित 250 बसों को खरीदा जाएगा। शिमला की तर्ज पर धर्मशाला, बिलासपुर और मंडी में निगम द्वारा पर्यटक परिपथ आरंभ किए जाएंगे।
हमीरपुर में ट्रांसपोर्ट नगर बनेगा
सीएम ने हमीरपुर में ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित करने का प्रस्ताव किया है। यहां ड्राइविंग टेस्ट, ट्रैफिक पार्क, प्रशिक्षण केंद्र आदि उपलब्ध होंगे।
परिवहन विभाग में ऑनलाइन सुविधा
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने परिवहन विभाग में ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की। इसमें स्टेज कैरेज, कांट्रेक्ट कैरेज और लाइसेंस आदि अन्य सुविधाएं शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग के लिए 2702 करोड़ का बजट
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्वास्थ्य विभाग में 2,702 और आयुर्वेद में 307 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया है। मुफ्त दवाओं के लिए 100 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया है। हिमाचल में ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए सभी जिला अस्पतालों में मेमोग्राफी मशीनें स्थापित की जाएंगी। महिलाओं में बढ़ते ब्रेस्ट कैंसर की रोकथाम के लिए जयराम सरकार ने यह फैसला लिया है। सीएम ने अपने बजट भाषण में 60 साल या इससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए निशुल्क आयुर्वेदिक दवाइयां उपलब्ध कराने की भी घोषणा की है।
मुख्यमंत्री जयराम ने कहा कि कुछ वर्षों से प्रदेश की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की शिकायतें सामने आई हैं। यह एक ऐसा कैंसर है, जिसका यदि आरंभ अवस्था में पता चज जाए तो पूर्ण इलाज संभव है। उन्होंने घोषणा की कि वर्ष 2020-21 के दौरान जिलों में इन मशीनों को स्थापित किया जाना है। इसके अलावा कैंसर की रोकथाम के लिए अभियान भी चलाया जाएगा।
स्वस्थ और सशक्त किशोरित्व एवं मातृत्व योजना का एलान
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बच्चियों और किशोरियों के वैैक्सीन टीकाकरण के लिए एक नीति बनाई जाएगी। इसके लिए सीएम ने स्वस्थ और सशक्त किशोरित्व एवं मातृत्व योजना का एलान किया है।
अब सहारा योजना में दिए जाएंगे 3000 रुपये
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सहारा योजना में 3000 रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों को 2000 रुपये दिए जाते थे। योजना में 8 हजार 188 पंजीकृत लाभार्थियों में से 5 हजार 580 लाभार्थियों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी होते ही उन्हें भी यह लाभ देना शुरू कर दिया जाएगा।
क्षय रोगियों को 1500 रुपये प्रतिमाह
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षय रोग निवारण योजना में बेहतर सेवाओं के लिए हिमाचल को पूरे देश में पहला पुरस्कार मिला है। उन्होंने कहा कि तपेदिक रोग का पता लगाने के लिए प्रदेश के मेडिकल कॉलेज टांडा में भी लाइन प्रोबेशिस सुविधा शुरू की जाएगी। अभी यह सुविधा एआरएल धर्मपुर में ही उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि क्षय रोगियों के लिए हर महीने 1500 रुपये वित्तीय सहायता के रूप में दिया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में खुलेंगे एआरटी केंद्र
एचआईवी पीड़ित लोगों को जीवनकाल में एंटी रेट्रोवायरल थैरेपी लेनी पड़ती है। एआरटी के माध्यम से यह सुविधा रोगियों को निशुल्क दी जाती है। राज्य में अभी एआरटी के 6 केंद्र है। अब नाहन, चंबा और नेरचौक में भी इन केंद्रों को खोला जाएगा।
शिक्षा क्षेत्र के लिए 8016 करोड़ रुपये का बजट, ये घोषणाएं कीं
शिक्षा
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वित्तीय वर्ष 2020-21 में शिक्षा विभाग के लिए 8,016 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। प्रारंभिक स्कूलों में इनरोलमेंट बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने स्वर्ण जयंती ज्ञानोदय क्लस्टर श्रेष्ठ विद्यालय योजना की घोषणा की। इसमें 100 क्लस्टर स्कूलों में बच्चों/शिक्षकों के लिए आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इनमें बेहतर टॉयलेट, बिजली, पंखों की व्यवस्था, स्मार्ट कक्षा, फर्नीचर, पानी, पुस्तकालय, खेलकूद सुविधा शामिल है।
इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार होगी। इस योजना के लिए 15 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया। स्वर्ण जयंती उत्कृष्ट विद्यालय योजना में ऐसे 68 स्कूलों को चुना जाएगा। जिनमें छात्रों की संख्या 500 से अधिक होगी। इन स्कूलों का नवीकरण किया जाएगा। योजना के लिए 30 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया।
नौ कॉलेजों को उत्कृष्ट कॉलेजों के तौर पर तैयार करने की भी मुख्यमंत्री ने घोषणा की। इन कॉलेजों में जिम स्थापित किए जाएंगे। उन सभी विषयों का छात्र यहां चयन कर सकेंगे जो अन्य कॉलेजों में उपलब्ध नहीं है। इस योजना के लिए नौ करोड़ का बजट प्रावधान किया गया। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में कहा कि प्रदेश में स्कूल-कॉलेजों का बहुत अधिक विस्तारीकरण किया गया है। अब गुणात्मक पहलु पर सरकार का ध्यान रहेगा।
हिमाचल के छह कॉलेजों में शुरू होगा बैचलर इन वोकेशनल
शिक्षा
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तीन साल पूर्व प्रदेश के 12 डिग्री कॉलेजों में प्रायोगिक तौर पर शुरू हुई बीवॉक की डिग्री के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ने के बाद अब छह और कॉलेजों में इसे शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में घोषणा करते हुए कहा कि सूबे के 12 कॉलेजों में बीवॉक की डिग्री कर रहे अंतिम वर्ष के 703 विद्यार्थियों के प्लेसमेंट के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूल-कॉलेजों में पढ़ाई सुचारु रखने के लिए बीते साल शुरू की गई सीवी रमन वर्चुुअल क्लासरूम का भी सरकार ने दायरा बढ़ा दिया है।
नए वित्तीय वर्ष के तहत 106 नए स्कूल-कॉलेजों में वर्चुुअल क्लासरूम शुरू किए जाएंगे। युवाओं को खेलकूद और व्यायाम के लिए बेहतर सुविधाएं देने को सरकारी मेडिकल कॉलेजों, इंजीनियरिंग कॉलेजों और अन्य राजकीय व्यवसायिक शैक्षणिक संस्थानों में चरणबद्ध तरीके से ओपन जिम की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। एनसीसी लेने वाले युवाओं को फौज/ पैरामिलिट्री और पुलिस सेवाओं में भर्ती के लिए प्रोत्साहन देने को आवश्यक बटालियन और कंपनियां खोली जाएंगी। इस घोषणा से अधिक कैडेट एनसीसी के बी और सी प्रमाणपत्र का लाभ ले सकेंगे।
50 स्कूलों में शुरू होगी गणित प्रयोगशालाएं
शिमला। स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए गणित में आवश्यक कौशल और निपुणता लाने के लिए सरकार ने 50 स्कूलों में ंगणित प्रयोगशालाएं स्थापित करने का फैसला लिया है। प्रयोगशाला के माध्यम से गणित शिक्षा का सरलीकरण किया जाएगा और इसे रोचक बनाया जाएगा।
धर्मशाला को होटल मैनेजमेंट, सुंदरनगर को मिला फूड क्राफ्ट संस्थान
पर्यटन क्षेत्र में मानव संसाधनों को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में दो व्यवसायिक प्रशिक्षण संस्थान खोले जाएंगे। धर्मशाला में इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट और सुंदरनगर में फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट की स्थापना की जाएगी।
छह हजार पद भरने की प्रक्रिया जारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में शिक्षण संस्थानों में 10,700 पद भरने की स्वीकृति दी है। अभी तक चार हजार शिक्षकों के पद भरे जा चुके हैं। शेष पद जल्द भर दिए जाएंगे। किसी भी स्कूल में शिक्षकों की कमी नहीं रहने देंगे।
बद्दी में विजिलेंस थाना; सीसीटीवी माउंटेंड, बाडी वार्न कैमरा की खरीद
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प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार पर और नकेल कसने के लिए बद्दी में विजिलेंस थाना स्थापित करने जा रही है। शुक्रवार को बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने इस बार के बजट में पुलिस, गृह रक्षक, अग्निशमन औश्र कारागार विभाग के लिए कुल 1729 करोड़ के बजट प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति प्रदेश सरकार की जीरो टालरेंस की नीति है। कहा कि प्रदेश के विजिलेंस मैनुअल को भी केंद्रीय विजिलेंस मैनुअल 2017 के आधार पर संशोधित किया जाएगा।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने डीएनए डाटा बेस तैयार करने की भी घोषणा की। कहा कि अपराधों की बेहतर छानबीन के लिए फोरेंसिक सेवाओं की महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में फोरेंसिक सेवाओ ंका आधुनिक तकनीकों से मजबूत और विस्तार किया जाएगा और आवश्यकता अनुसार तकनीकी पदों का सृजन किया जाएगा। वहीं यातायात प्रबंधन और कानून व्यवस्था पर बेहतर कमान के लिए 176 पुलिस वाहनों में माउंटेड कैमरा लगाए जाएंगे जिनके जरिये शहर में होने वाली गतिविधियों की निगरानी पुलिस नियंत्रण कक्ष से की जाएगी।
वहीं, असामाजिक तत्वों और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई और निगरानी के दौरान मुफीद साबित होने की वजह से नए वित्त वर्ष के दौरान 500 बॉडी वार्न कैमरा और खरीदे जाएंगे। वहीं, 500 सीसीटीवी कैमरे भी पुलिस की सहायता के लिए लगाने का प्रस्ताव किया गया है। किसानों और पर्यावरण के लिए खतरा बन रहे अवैध खनन पर नकेल कसने क े लिए प्रदेश के अलग अलग स्थानों पर दस डेडिकेटेड माइनिंग चेक पोस्ट बनाए जाएंगे। इन चेक पोस्ट का संचालन संयुक्त रूप से उद्योग और पुलिस विभाग की ओर से किया जाएगा।
साइबर समन्वय केंद्र से साइबर अपराध पर नकेल
साइबर अपराधों की रोकथाम और इससे निपटने के उद्देश्य से प्रदेश में एक साइबर समन्वय केंद्र बनाकर उसे आधुनिक तकनीक व उपकरणों से लैस किया जाएगा। कोशिश यह होगी कि प्रदेश के सभी साइबर संबंधी मामलों में इस केंद्र की मदद ली जाए और बढ़ते साइबर अपराध पर लगाम लगाई जा सके। वहीं, पांच फायर पोस्ट को अपग्रेड कर सब फायर स्टेशन बनाने के लिए भी बजट में घोषणा की गई है।
मरीजों के ई-हेल्थ कार्ड बनेंगे, बाल चिकित्सा केंद्र खोले जाएंगे
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्वास्थ्य विभाग की एक व्यापक आईटी आधारित प्रणाली हिम रोग्य विकसित करने का फैसला लिया है। इस योजना के तहत नागरिकों को यूनिक स्वास्थ्य आईडी दी जाएगी। इस आईडी के माध्यम से लोगों का स्वास्थ्य उपचार होगा। बड़ी बात यह है कि लोगों के ई-हेल्थ कार्ड बनेंगे।
इसमें मरीजों के बीमारी की हिस्ट्री रहेगी। जब भी व्यक्ति अपना उपचार करने के लिए अस्पताल आएगा तो उसे रोग बताने और बीमारी का अब तक किए गए इलाज की जानकारी डॉक्टर को नहीं देनी होगी। ई-कार्ड के माध्यम से डॉक्टर को पूरा ब्योरा मिल जाएगा।
शुरुआत में ही लगेगा थैलेसीमिया का पता
हिमाचल में कई बच्चे हिमोग्लोबिन- पैथी जैसे थैलेसीमिया या सिक्कल सेल बीमारी से पीड़ित है। इसका प्रारंभिक अवस्था में पता लगाने के लिए राज्य सरकार सभी स्कूलों में बच्चों को सामूहिक जांच करवाने के लिए कार्य करेगी।
बाल चिकित्सा केंद्र खोलने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने बच्चों की मृत्यु दर को और कम करने के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज में मेटर्नल एंड नेओ- नेटल इनटेसिव केयर यूनिट की सुविधा सहित बाल चिकित्सा केंद्र स्थापित करने की घोषणा की है।
56 परीक्षणों के लिए निशुल्क डायग्नोसिस सुविधा
हिमाचल में अब तक 11 अलग-अलग श्रेणियों के रोगियों को 56 परीक्षणों के लिए निशुल्क डायग्नोसिस सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। अब यह सुविधा सभी लोगों को मुहैया होगी। सीएम ने बजट भाषण में राज्य मेंटल हेल्थ अथॉरिटी को अनुदान के रूप में समुचित प्रावधान करने की घोषणा की।
आशा वर्करों को प्रोत्साहन राशि, राज्य अंशदान भी 500 रुपये बढ़ाया
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 10 मोबाइल हेल्थ सेंटर शुरू करने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य दूरदराज और अल्पसेवित क्षेत्रों में मोबाइल वैन उपलब्ध कराया जाना है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 100 पुरानी एंबुलेंस को बदलने का एलान किया है। हिमाचल में 108 सेवाओं के तहत 198 एंबुलेंस चल रही हैं।
बेसहारा लोगों का मुफ्त इलाज
प्रदेश सरकार बेसहारा लोगों का निशुल्क उपचार करेगी। कभी कभी कुछ लोग बेसहारा लोगों को गंभीर अवस्था में अस्पताल छोड़ देते हैं। इसके लिए सरकार ने सम्मान योजना शुरू करने का एलान किया है।
मुख्यमंत्री जयराम ने जननी सुरक्षा योजना के तहत अनुसूचित जाति व जनजाति, बीपीएल परिवार की गर्भवती महिलाओं को प्रसव जांच और संस्थागत प्रसव के दौरान मिलने वाली प्रोत्साहन राशि अब आशा वर्करों को भी दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में यह राशि 600 रुपये, जबकि शहरी क्षेत्रों की आशा वर्करों को 400 रुपये दी जाएगी। आशा वर्करों को दिए जाने वाले मानदेय में भी सरकार ने राज्य अंशदान को 500 रुपये प्रतिमाह बढ़ाने का फैसला लिया है।
ई कैबिनेट सॉफ्टवेयर की मदद से पेपरलेस होगी कैबिनेट बैठकें
नए वित्त वर्ष में जयराम सरकार मंत्री परिषद की बैठकों को पेपरलेस करने की तैयारी में है। बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने एलान किया कि नए वित्त वर्ष से ई कैबिनेट सॉफ्टवेयर की मदद से कंप्यूटरीकरण कर बैठक को पेपर लेस कर दिया जाएगा। मंत्री कहीं भी बैठकर बैठक के एजेंडा को देख सकेंगे। खास बात यह है कि बाय सर्कुलेशन होने वाली बैठकों के लिए मंत्री कहीं से भी अपनी मंजूरी दे सकता है।
वहीं, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह भी कहा कि ई डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से गर्वनमेंट टू सिटीजन सेवाओं की संख्या 52 से 62 कर दी गई है। अब इन सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से लोक मित्र केंद्रों की ओर से आम जनता के द्वार पर ऑनलाइन पहुंचाया जाएगा। वहीं, चरणबद्ध तरीके से सभी कार्यालयों को ई आफिस से लेस किया जाएगा। वर्तमान में 46 कार्यालय ही ई ऑफिस का इस्तेमाल कर रहे हैं।
12 हजार हेक्टेयर भूमि पर रोपे जाएंगे एक करोड़ पौधे
प्रदेश सरकार के बजट-2020 में सतत विकास लक्ष्य संख्या 15 के अनुरूप 2030 तक प्रदेश के कुल क्षेत्र का 30 प्रतिशत क्षेत्र वन आवरण के अधीन लाने के लक्ष्य को भी बजट में साधने का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में घोषणा की है कि अगले एक साल में प्रदेश सरकार 12 हजार हेक्टेयर भूमि पर 1 करोड़ पौधे रोपित करेगी। चालू वित्त वर्ष के दौरान पौधरोपण के लिए 9 हजार हेक्टेयर भूमि को भी चिह्नित किया गया था। वन विभाग इस काम के लिए 15 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसके बाद आगे के सालों में भी इसी तरह की प्रक्रिया जारी रखी जाएगी ताकि, 2030 तक 30 प्रतिशत का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
वहीं, पिछले साल की सामुदायिक वन संवर्धन योजना के अंतर्गत नए वित्त वर्ष के दौरान साझा वन प्रबंधन समितियों और ग्राम वन विकास समितियों के माध्यम से दो सौ हेक्टेयर भूमि में पौधरोपण और भू एवं जल संरक्षण कार्य करवाए जाएंगे। साथ ही इसी दौरान विद्यार्थी वन मित्र योजना के अंतर्गत सौ नए स्कूलों का चयन कर उनके नजदीक भूमि चिह्नित कर विद्यार्थियों से पौधरोपण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि निजी भूमि पर व्यावसायिक वन्य प्रजातियों के पौधों के रोपण से अतिरिक्त आय प्राप्त करने के लिए सरकार पचास हजार चंदन के पौधे तैयार कराएगी। इन पौधों को आगामी वर्षों में लोगों को निजी भूमि में रोपित करने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
वन विभाग 500 युवाओं को दोगा ट्रैकिंग गाइड का प्रशिक्षण
वन विभाग नए वित्त वर्ष में युवाओं को रोजगार के नए अवसर मुहैया कराने के लिए तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने एलान किया कि नए वित्त वर्ष में वन विभाग 500 युवाओं को नेचर ट्रेल, साहसिक खेल और ट्रैकिंग गाइड जैसी गतिविधियों से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण मुहैया कराएगा। वहीं, नए वित्त वर्ष के दौरान बीस करोड़ की लागत वाली पर्वत धारा योजना का कार्यान्वयन भी वन विभाग ही करेगा।
बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए 139 करोड़
मुख्यमंत्री ने बजट में वन विभाग की ओर से चलाई जा रही तीन बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के सुचारु रूप से कार्यान्वयन के लिए 139 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए हैं। इन परियोजनाओं के तहत ढाई हजार भूमि से लैंटाना हटाने का काम किया जाएगा। साथ ही ढाई हजार हेक्टेयर भूमि पर जल संरक्षण एवं प्रबंधन कार्य और पांच हजार हेक्टेयर भूमि में वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया है।
मंडी क्लस्टर विवि में शामिल होंगे पांच जिलों के कॉलेज
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिला मंडी में खुले प्रदेश के पहले क्लस्टर विश्वविद्यालय में पांच जिलों के कॉलेजों को शामिल किया जाएगा। प्रदेश में वर्तमान में कुल 138 सरकारी और 69 निजी कॉलेज हैं। मंडी सहित निकटवर्ती जिलों कुल्लू, बिलासपुर, लाहौल और हमीरपुर के कॉलेजों को क्लस्टर विवि से संबद्धता देने की तैयारी है। शुक्रवार को बजट भाषण में घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि क्लस्टर विश्वविद्यालय पूर्ण विश्वविद्यालय के रूप में विकसित हो। इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
प्रदेश सरकार की इस घोषणा से राजधानी शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से बोझ कम होगा। क्लस्टर विवि में शामिल नहीं होने वाले जिलों के कॉलेजों की जिम्मेवारी हिमाचल विवि पर रहेगी। गुणवत्ता शिक्षा पर जोर देने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है। इसी कड़ी में इस बार के बजट में हिमाचल विश्वविद्यालय के लिए इस बार ग्रांट भी जारी नहीं की गई है। बीते साल एचपीयू को सरकार ने सौ करोड़ की ग्रांट दी थी। रूसा गाइड लाइन के मुताबिक एक विश्वविद्यालय के तहत 100 से अधिक कॉलेज नहीं आने चाहिए।
हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने इसी गाइडलाइन को मानते हुए साल 2014 में मंडी में कलस्टर विश्वविद्यालय खोलने का केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था। विधानसभा से अध्यादेश पारित होने के बाद मंडी में क्लस्टर विश्वविद्यालय स्थापित हो चुका है। प्रथम चरण में मंडी के चार कॉलेजों को इसमें शामिल किया गया है। मंडी कालेज को लीड कॉलेज बनाया है। इसमें द्रंग, बासा और सुंदरनगर कॉलेज को शामिल किया गया है। संभावित है कि इसी साल प्रदेश सरकार क्लस्टर विवि में जिलों के कॉलेजों को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर देगी।
ग्लेशियर के प्रकोप के खतरे को देखते हुए जयराम सरकार की कवायद
कुल्लू घाटी में ग्लेशियर के प्रकोप का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। इसलिए प्रदेश सरकार नए वित्त वर्ष में कुल्लू घाटी में प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण के दौरान इसकी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस प्रणाली को स्थानीय लोगों की भागीदारी में कैचमेंट स्तर पर स्थापित किया जाएगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और राज्य तथा कुल्लू जिले के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मिलकर इसपर काम करेंगे।
वहीं, शैक्षणिक संस्थाओं और अन्य संगठनों को एचपी स्टेट स्थानिक डाटा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना के अंतर्गत स्थानिक डेटा उपलब्ध कराया जाएगा। इस डेटा का इस्तेमाल विभागीय योजनाओं को बनाने और कार्यान्वयन में किया जाएगा। कौशल विज्ञान कार्यक्रम के तहत बायोटेक्नोलॉजी में सौ स्नातक जैव प्रौद्योगिकी छात्रों को हैंड्स आन ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी।
कुल्थ दाल के अलावा चंबा जिले के पांगी की ठांगी को पंजीकरण का प्रयास
बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद मंडी और चंबा जिले के कई उत्पादों के लिए कम से कम 5 जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) पंजीकरण करवाने का प्रयास करेगा। इसमें करसोग की कुल्थ दाल के अलावा चंबा जिले के पांगी की ठांगी, चंबा धातु शिल्प, चंबा चुख और भरमौरी राजमाह के पंजीकरण को लेकर प्रयास करेगा।
खेल नीति तैयार, जल्द करेंगे लागू : जयराम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की खेल नीति का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। राज्य की खेल नीति 2020 को अंतिम रूप देकर राज्य के खिलाड़ियों को बड़े लाभ दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राज्य में खेलकूद गतिविधियों के लिए पहले से बने बुनियाद ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए तथा नई अधोसंरचना स्थापित करने के लिए सरकार प्रयासरत है। खेलकूद के आधारभूत निर्माण के लिए 70 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि खेल पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। इसके लिए बीड बिलिंग में प्री वर्ल्ड कप और इंडियन नेशनल ओपन पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता अप्रैल में की जाएगी। ब्यास नदी पर प्रथम एशियन राफ्टिंग प्रतियोगिता अक्तूबर में होगी।
80 हजार युवाओं को मिलेगा कौशल विकास भत्ता
सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित कौशल, अनुसंधान में प्रशिक्षण देने के लिए जिला सोलन के वाकनाघाट में सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। कौशल विकास निगम और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की भागीदारी से एशियन डेवलेपमेंट बैंक द्वारा पोषित परियोजना पर करीब 155 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
युवाओं के लिए बाजार की मांग पर आधारित क्षेत्रों में आधुनिकतम प्रशिक्षण देने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है। प्रदेश के 80 हजार युवाओं को इस साल कौशल विकास भत्ता दिया जाएगा। युवाओं को लाभान्वित करने के लिए सरकार ने इसके लिए 100 करोड़ का बजट प्रावधान किया है।
19 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में बदलेंगे पढ़ाई के तरीके
शिमला। प्रदेश के 19 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में पढ़ाई करवाने के तरीके बदले जाएंगे। आईटीआई में अधोसंरचना का उन्नयन, शिक्षण एवं अध्यापन में सुधार, प्रशिक्षण में बदलाव किया गया। स्किल स्ट्रैथनिंग ऑफ इंडस्ट्रीयल वेल्यू इन्हासमेंट प्रोजेक्ट के तहत यह बदलाव होंगे।
10 हजार युवाओं को इंग्लिश स्पीकिंग की देंगे ट्रेनिंग
बाजार की मांग अनुसार रोजगार योग्य बनाने के लिए प्रदेश के दस हजार युवाओं को अंग्रेजी बोलने, बीमा क्षेत्र और जीएसटी विषय पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। कई संस्थानों की इसमें मदद ली जाएगी। इसके अलावा प्रदेश के असंगठित क्षेत्र में लगे दस हजार कामगारों के कौशल को भी चरणबद्ध तरीके से ब्रिज कोर्स तथा रेपिड लर्निंग कोर्स के माध्यम से उन्नत किया जाएगा।
पशुपालन के लिए 477 करोड़
राज्य में पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र की अहम भूमिका है। सरकार ने विटामिन ए और डी दूध हिमगौरी आरंभ किया है। 11 जिलों के 3300 गांवों में निशुल्क गर्भाधान योजना का आरंभ किया जाएगा। उन्नयन नस्लों की गायों की स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए कांगड़ा जिले में जर्सी गायों के संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम आरंभ किया जाएगा।
दूध का समर्थन मूल्य दो रुपए किलो बढ़ेगा
प्रदेश के पशुपालकों को वित्तीय लाभ पहुंचाने के लिए सरकार में दो रुपए प्रति किलो समर्थन मूल्य बढ़ाने की घोषणा की गई है। इससे मिल्कफेड को 23 करोड़ का अनुदान देंगे।
गैर सभी जिलों में एक गो सदन बनेगा
प्रदेश के गैर सभी जिलों में एक गो सदन बनेगा। ये चरणबद्ध तरीके से तैयार किए जाएंगे। इससे प्रदेश के लावारिस पशुओं को चयनित स्थानों पर रखने और उनकी उचित देखभाल करने में मदद मिलेगी।
भेड़-बकरी पालकों के लिए उपदान
सरकार ने भेड़-बकरी पालकों के लिए उपदान पर बकरियां उपलब्ध करवाने की योजना कार्यान्वित की जा रही है। अभी तक प्रजनन के लिए भेड़ पर उपदान का प्रावधान जनजातीय क्षेत्रों में है। वर्ष 2020-2021 से सभी वर्गों के लाभार्थी प्रजनन के लिए भेड़ उपदान के पात्र होंगे।
हिम कुक्कुट पालन योजना
पशुपालकों के लिए हिम कुक्कुट पालन योजना से सभी वर्ग के 100 किसानों को प्रति वर्ष पांच हजार तक ब्रायलर प्रदान किए जाएंगे। सरकारी संस्थाओं से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मोबाइल वेटनरी सेवा शुरू होगी
राज्य में पशु चिकित्सा सेवा विस्तार के लिए घर द्वार पायलट आधार पर हिम मुर्गी पालन योजना से पशु चिकित्सा सेवा आरंभ होगी। पंचायतों में पशु चिकित्सा सहायकों के 120 पद भरे जाएंगे। प्रदेश में मत्स्य पालन को प्रोत्साहन देंगे। वर्ष 2021 में 100 नई ट्राउट इकाइयों का का निर्माण होगा। ट्राउंड मत्स्य पिंजरों का निर्माण होगा।
महिला एवं बाल विकास बजट
आंगनबाड़ी केंद्रों और प्री प्राइमरी स्कूलों में अब नन्हें-मुन्नों को दूध और फल भी दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में स्वर्ण जयंती पोषाहार और बाल पोषाहार टॉप-अप योजना शुरू करने की घोषणा की है। इसके अलावा पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों को भी सप्ताह में एक दिन पौष्टिक आहार दिया जाएगा।स्वर्ण जयंती पोषाहार योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में शिशुओं के लिए फोर्टिफाइड आहार का प्रावधान किया जा रहा है। इन शिशुओं में कुपोषण की प्रवृत्ति को जड़ से खत्म करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में दिए जाने वाले आहार को और पौष्टिक बनाने के लिए बाल पोषाहार टॉप अप योजना शुरू की जाएगी।
योजना के तहत बच्चों को फल, दूध और रेशायुक्त अतिरिक्त पौष्टिक आहार प्रदान किया जाएगा। इसके लिए 30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नर्सरी और केजी कक्षा वाले प्री प्राइमरी स्कूलों में मिड डे मील देने के लिए सरकार ने स्वस्थ बचपन का प्रस्ताव है। इस योजना में इन बच्चों को भी दोपहर का भोजन उपलब्ध करवाया जाएगा। पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों को सप्ताह में एक दिन अतिरिक्त पौष्टिक आहार जैसे दूध व स्थानीय फल देने के लिए 11 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। स्कूलों में डबल फोर्टिफाइड़ नमक तथा फोर्टिफाइड तेल युक्त भोजन भी दिया जाएगा।
20 खंडों में शुरू होगा ‘वो दिन’ जागरूकता अभियान
मासिक धर्म के समय महिलाओं और किशोरियों को परिवार व समाज की उपेक्षा का सामना न करना पडे़, इसके लिए सरकार कुल्लू, चंबा, मंडी, सिरमौर और शिमला के चयनित 20 खंडों में ‘वो दिन’ नाम से एक जागरूकता अभियान चलाएगी। आठ मार्च को आयोजित होने वाले महिला दिवस से पहले सरकार ने इस योजना के लिए 3.24 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने ‘दुनिया की पहचान है औरत, हर घर की जान है औरत। बेटी, बहन, मां और पत्नी बनकर, घर-घर की शान है औरत’ की शेरों शायरी करते हुए कहा कि समाज की उन्नति में नारी विभिन्न रूपों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाती है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, आयुर्वेद, बाल एवं महिला विकास विभाग तथा ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संयुक्त तौर पर अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नारी तरक्की का आधार है, इनके प्रति विचार बदलना होगा।
गोद लिए बच्चे के नाम पर सावधि में जमा होंगे 500 रुपये
शिमला। मुख्यमंत्री ने गोद लिए बच्चे के नाम पर सावधि में जमा होने वाली 300 की राशि को बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया है। यह राशि भारत सरकार द्वारा चाइल्ड प्रोटेक्शन सर्विस के तहत दी जाती है। प्रदेश के पांच जिलों में स्वयं सेवी संस्थाओं की भागीदारी से नशा प्रवृत्ति से पीड़ित व्यक्तियों का पुनर्वास करने के लिए केंद्र खोले जाएंगे।
बीमा योजना में शामिल होंगे अस्थाई वर्कर
शिमला। आंगनबाड़ी, आशा, जल वाहक, वाटर गार्ड, मिड डे मील, सिलाई अध्यापिका को भी सरकार ने बीमा योजना में शामिल करने का फैसला लिया है। अनुसूचित जाति/जनजाति निगम के उन लाभार्थियों को भी सरकार ने राहत दी है जिन्हें कर्ज वापस करने में कठिनाइयां पेश आ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट की योजना लाई जाएगी।
बागवानी पर खर्च होंगे 536 करोड़
बगावानी पर वर्ष 2020-21 के बजट में प्रदेश में बगावानी के लिए 536 करोड़ खर्च किए जाएंगे। बागवानों के लिए एंटी हेल नेट के स्थायी ढांचे के लिए बागवानों और किसानों को 50 फीसदी उपदान दिया जाएगा। सरकार ने इस मद के लिए 50 करोड़ की राशि रखी है।
चेरी के लिए सीए स्टोर की क्षमता बढ़ेगी
बागवानी विकास परियोजना के तहत तीन सीए स्टोर की क्षमता बढ़ाई जाएगी। गुम्मा, जरोल और टिक्कर में सीए स्टोर की क्षमता 2000 से बढ़ाकर 5700 टन की क्षमता की जाएगी। चेरी के लिए हाइड्रो कूलिंग की सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री मधु विकास योजना को सात करोड़
राज्य के बजट में मौन पालन के लिए मुख्यमंत्री मधु विकास योजना आरंभ की गई है ताकि बागवानों की आय बढ़ाई जा सके। इसके लिए सात करोड़ की राशि का प्रावधान किया है। मौन पालकों के लिए व्यावसायिक प्रोत्साहन दिया है।
बागवानों के लिए महक योजना
राज्य के ग्रामीण युवा वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने और बागवानों की आय बढ़ाने के लिए महक योजना शुरू की है। महक योजना से सुगंधित पौधों की खेती और विधायन अत्यंत अहम कदम है। किसानों और बागवानों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। सुगंधित पौधे लगाने, विकास, विपणन मजबूत करेंगे। विधायन इकाइयां भी लगाई जाएंगी।