हिमाचल प्रदेश के निजी डिग्री, बीएड और लॉ (विधि) कॉलेजों से विद्यार्थियों के नामांकन का ब्योरा तलब किया गया है। आधारभूत ढांचे के मुकाबले अधिक दाखिले करने की उच्च शिक्षा निदेशालय को शिकायतें मिली हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने वीरवार को सभी निजी कॉलेजों के प्रिंसिपलों को पत्र जारी कर पांच दिनों के भीतर जानकारी देने के लिए कहा है। निजी कॉलेजों से शिक्षकों के स्वीकृत पदों और नियुक्त शिक्षकों का भी रिकॉर्ड मांगा गया है। सरकार से स्वीकृत फीस स्ट्रक्चर सहित कॉलेज भवनों में स्थित कमरों की भी जानकारी मांगी गई है।
निदेशालय को शिकायतें मिली हैं कि कई निजी कॉलेज तीन-चार कमरों में चलाए जा रहे हैं। यहां क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को दाखिले दिए गए हैं। सरकार की ओर से तय की गई फीस से अधिक राशि विद्यार्थियों से वसूली जा रही है। कई कॉलेजों में यूजीसी के तय नियमों के अनुसार शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करने वाले शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। इस बाबत शिकायतें मिलने पर शिक्षा निदेशालय ने कड़ा संज्ञान लेते हुए कॉलेज प्रिंसिपलों से जवाब तलब किया है। जानकारी मिलने के बाद निदेशालय की ओर से मामलों की जांच के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा। उधर, राज्य निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग भी इस तरह की शिकायतों पर निजी कॉलेजों की जांच कर रहा है।