हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से सड़कें ठप होने के दौरान जिला शिक्षा उपनिदेशक स्कूलों को बंद करने का फैसला ले सकेंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय ने जिला उपनिदेशकों को प्राकृतिक आपदाओं को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी उपनिदेशकों को इस तरह के मामले पेश आने पर उपायुक्तों से संपर्क कर स्कूल बंद करने के फैसले लेने के लिए अधिकृत कर दिया है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि मानसून सीजन के दौरान जारी बारिश से प्रदेश के कई क्षेत्रों में सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। स्कूलों के आसपास यदि भारी बारिश और भूस्खलन से हालात बिगड़ते हैं तो जिला उपनिदेशक इस बाबत उपायुक्तों के साथ चर्चा कर स्कूल बंद करने का फैसला ले सकते हैं। इस बाबत उच्च शिक्षा निदेशालय को भी सूचित करने को कहा गया है।
22 अगस्त कर विद्यार्थियों का पंजीकरण करवाएं स्कूल
प्रदेश के सभी सरकारी और स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्धता प्राप्त निजी विद्यालयों के सत्र 2022-23 के लिए नौवीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षाओं के नियमित परीक्षार्थियों के पंजीकरण करने के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रक्रिया आरंभ हो गई है। पंजीकरण के लिए अंतिम 20 अगस्त निर्धारित की गई है। जिन परीक्षार्थियों का पंजीकरण पहले हो चुका है, ऐसे परीक्षार्थियों का नया पंजीकरण नहीं किया जाएगा। ऐसे परीक्षार्थियों को पहले से आवंटित पंजीकरण संख्या के अंतर्गत ही परीक्षाओं से संबंधित कार्रवाई की जाएगी। नए परीक्षार्थियों को पंजीकरण करवाने के लिए एप्लीकेशन में अंकित न्यू रजिस्ट्रेशन की ऑप्शन को क्लिक करना होगा और ऐसे परीक्षार्थियों को पंजीकरण करवाने के लिए शुल्क 50 रुपये प्रति विद्यार्थी जमा करवाना होगा। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने कहा कि इसके साथ-साथ विद्यालय संबंधी अन्य सूचना भी प्रपत्र अनुसार भरकर भेजनी होगी। समयबद्ध पंजीकरण न किए जाने की जिम्मेवारी संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापक की होगी। उन्होंने कहा कि सभी प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापक और कक्षा के प्रभारी पंजीकृत किए जाने वाले परीक्षार्थियों का नाम, पिता का नाम, माता का नाम, जन्म तिथि, लिंग और श्रेणी सही दर्ज करना सुनिश्चित करें।