हाईकोर्ट को मिले एक शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया था कि शिमला एयरपोर्ट की तरफ जाने वाली सड़क के दोनों तरफ बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण हो रहे हैं और लोक निर्माण विभाग इस पर पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठा है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग से स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी और यह भी साफ करने को कहा था कि सड़क के केंद्र से निजी निर्माण के लिए न्यूनतम दूरी कितनी तय है। लोक निर्माण विभाग के शिमला चतुर्थ सर्कल के अधीक्षण अभियंता की ओर से कोर्ट में ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की गई, जिसमें दो प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण की बात सामने आई है। फायल-रामपुरी वाया मथोली मार्ग के इस खंड पर तीन अवैध कब्जे पाए गए थे, जिनमें से दो को कब्जाधारियों ने खुद ही हटा लिया है। हालांकि, बाकी व्यक्तियों की ओर से कब्जा न हटाने पर विभाग ने उन्हें नोटिस तामील करवाया है।