अदालत ने राज्य सरकार से यह रिपोर्ट मांगी
अअदालत ने यह आदेश जनहित याचिका पर दिया है। अदालत ने राज्य सरकार से यह रिपोर्ट मांगी है कि इन बंदूकों का उपयोग बंद करने से क्या देओरीघाट और बरेओनघाट के आसपास व निकटवर्ती क्षेत्रों के किसानों-बागवानों को कोई लाभ पहुंचा है या नहीं। याचिका में मेक्सिको, रोमानिया और अन्य देशों में एंटी हेलगन के दुष्प्रभावों का भी उल्लेख किया था। इस पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने राज्य सरकार को अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों और इन देशों के अनुभवों सहित सभी पहलुओं को संबोधित करते हुए एक व्यापक जवाब दायर करने का आदेश दिया है।
मामले की अगली सुनवाई 8 दिसंबर को होगी। इन बंदूकों की प्रभावशीलता पर डाॅ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी (सोलन) अध्ययन कर रहा है, जिसे अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचने में कम से कम चार साल का समय लगेगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने नौणी विश्वविद्यालय को उसके कुलसचिव के माध्यम से मामले में नया प्रतिवादी बनाया है और चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किया है।