हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बीड़ बिलिंग पैराग्लाइडिंग का पिछले पांच वर्ष का रिकॉर्ड तलब किया है। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान रिकॉर्ड पेश न किए जाने पर अदालत ने संबंधित विभाग को अतिरिक्त समय दिया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह ने मामले की सुनवाई 6 जनवरी, 2023 निर्धारित की है। पैराग्लाइडिंग के दौरान बढ़ते हादसों को रोकने के लिए अदालत ने पर्यटन विभाग को राष्ट्रीय वायु क्रीड़ा पॉलिसी के तहत नियम बनाने के आदेश दिए हैं। मामले पर हुई पिछली सुनवाई के दौरान विभाग के निदेशक अमित कश्यप ने अदालत को आश्वस्त किया था कि हिमाचल प्रदेश वायु क्रीड़ा नियमों को राष्ट्रीय वायु क्रीड़ा पॉलिसी के तहत बनाया जाएगा।
साथ ही एक महीने के भीतर पॉलिसी के अनुसार न केवल कमेटियों को गठन किया जाएगा, बल्कि इन्हें कार्यान्वित भी किया जाएगा। निदेशक ने अदालत को जानकारी दी थी कि पैराग्लाइडिंग के लिए ट्रैकिंग सिस्टम बनाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इसके अलावा मोबाइल एप को भी बनाया जा रहा है। इससे पैराग्लाइडिंग पर नियंत्रण खोकर गुम हुए पर्यटकों को तलाशने में मदद मिलेगी और साथ ही पायलट के उपकरणों की निगरानी भी की जाएगी। नेशनल पैराग्लाइडिंग स्कूल को पहली अप्रैल 2023 से चालू किया जाएगा।
गौरतलब है कि बीड़ बिलिंग में पैराग्लाइडिंग के बढ़ते हादसों पर संज्ञान लिया है। 12 साल के आदविक की पैराग्लाइडिंग के दौरान मौत की प्रकाशित खबर पर अदालत ने जनहित याचिका दर्ज की है। उसके बाद मिजोरम निवासी सेना के जवान की उस समय मौत हो गई थी जब उसका पैरा ग्लाइडर बिलिंग के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। एक अन्य दुर्घटना में गाजियाबाद के एक पर्यटक और उसके सहायक की भी बिलिंग से उड़ान भरने के दौरान मौत हो गई थी।