कोरोना से निपटने के लिए हाईकोर्ट ने सरकार को कई निर्देश जारी किए हैं। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने नाहन निवासी आशुतोष गुप्ता की याचिका की सुनवाई के बाद सरकार को आदेश दिया कि वह प्रदेश में कोरोना टेस्टिंग बढ़ाने के लिए लैब, क्लीनिक और अस्पताल संख्या बढ़ाए। मामले पर अगली सुनवाई 10 मई को होगी।
कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि रोजाना रैपिड एंटीजन किट और आरटी पीसीआर टेस्ट के अलावा दूसरे टेस्ट भी करें। टेस्टिंग सुविधा बढ़ाने के लिए उपकरणों से लैस मोबाइल वैन शामिल करने पर विचार हो।
कोर्ट ने सरकार को और अधिक समर्पित कोविड -19 अस्पताल बढ़ाने के साथ ही केंद्र सरकार की सहायता से अस्थायी अस्पताल बनाने पर भी विचार करने को कहा। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि अस्पतालों में यह सुनिश्चित करें कि वेंटिलेटर, ऑक्सीजन और अन्य सुविधाएं हों। मीडिया के माध्यम से कोविड अस्पताल और टेस्टिंग सेंटर के बारे में लोगों को बताए। जो निजी अस्पताल कोविड टेस्ट औप अन्य सुविधाएं न दें, उनके खिलाफ डीएम एक्ट एवं एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट के तहत कार्रवाई करें। कोर्ट ने सरकार से 18 से 44 उम्र के व्यक्तियों को टीकाकरण शुरू करने पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा।