बहुचर्चित इंडियन टेक्नोमैक घोटाले के मामले में हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय और सीआईडी को प्रतिवादी बनाते हुए आदेश दिए हैं कि वह शपथपत्र के माध्यम से अदालत को कंपनी की संपत्ति का ब्योरा सौंपें।
हाईकोर्ट ने शुक्रवार को यह आदेश कंपनी की नीलामी से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान दिए। राज्य सरकार का लगभग 21 सौ करोड़ रुपये टैक्स न अदा करने पर पांवटा स्थित कंपनी की फैक्ट्री को आबकारी एवं कराधान विभाग ने सील किया है।
कंपनी ने जारी दस्तावेजों को तैयार करके और अधिक उत्पादन दिखाकर विभिन्न बैंकों से ऋण लेने के लिए षड्यंत्र रचा, जिससे प्रदेश सरकार को भारी कर नुकसान हुआ।
इसके अतिरिक्त कंपनी प्रबंधन ने आबकारी एवं कराधान विभाग और अन्य विभागों से मिलीभगत कर कंपनी के सील होने के बाद भी अंदर रखे सामान और स्क्रैप आदि को अवैध तरीके से चोरी-छिपे बाहर निकाला। माल से लदे एक ट्रक को पुलिस ने बरामद भी किया है।
जांच एजेंसी ने बताया कि कंपनी प्रबंधन एवं आबकारी विभाग के कर्मचारियों ने सुनियोजित तरीके से स्क्रैप बेचा है। बता दें कि इस मामले में सीआईडी पुलिस स्टेशन भराड़ी में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में दर्ज दो मामलों में जांच कर रही है।