हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने नवविवाहित जोड़े को पुलिस सहायता न देने के मामले में एसएचओ हरोली तलब किया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने पुलिस विभाग को जवाब दायर करने के आदेश दिए हैं। मामले की सुनवाई आज निर्धारित की गई है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अंकुश राणा ने अदालत को बताया कि पुलिस उसके जीवन और स्वतंत्रता का संरक्षण करने में नाकाम है। आरोप लगाया गया है कि उसके ससुराल वाले उसकी पत्नी को गैर कानूनी तरीके से अपने साथ ले गए। दलील दी गई कि याचिकाकर्ता ने 7 अक्तूबर 2022 को अनमोल से हिंदू रीति रिवाज से शादी की। 10 अक्तूबर को लड़की वालों की ओर से धमकियां दी गईं।
उसी दिन याचिकाकर्ता अपनी पत्नी के साथ पुलिस सहायता के लिए जिलाधीश ऊना के कार्यालय पहुंचा। वहां पर पहले से ही मौजूद लड़की वालों ने उसके साथ मारपीट की और उसकी पत्नी को जबरदस्ती साथ ले गए। अदालत को बताया गया कि इस घटना की शिकायत पुलिस को की गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। याचिकाकर्ता ने अदालत से गुहार लगाई है कि पुलिस को उसकी पत्नी को अदालत के समक्ष पेश करने के आदेश दिए जाएं। याचिकाकर्ता और उसकी पत्नी की सुरक्षा के लिए भी जरूरी आदेश पारित करने की गुहार लगाई गई है।