अतिरिक्त निदेशक पंचायती राज के कोर्ट में दायर तथ्यों को निरस्त करते हुए कहा कि मृत्यु प्रमाण पत्र मर चुके व्यक्ति से जुड़ा है। इसलिए यह थर्ड पार्टी सूचना कैसे हो सकता है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए स्पष्ट किया है कि सूचना के अधिकार में मृत्यु प्रमाण पत्र थर्ड पार्टी सूचना नहीं है। आरटीआई में मांगने पर पंचायत सचिव को यह सूचना देनी होगी। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने आरटीआई में मृत्यु प्रमाण पत्र प्रदान न करने से जुड़े मामले का निपटारा करते हुए यह आदेश दिए।
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कोर्ट ने निदेशक पंचायती राज को आदेश दिए हैं कि वह सूचना के अधिकार नियम के तहत मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने संबंधी उपयुक्त आदेश जारी करें। मामले के तहत रामपुर ब्लॉक में एक अधिवक्ता ने पंचायत से मृत्यु प्रमाण पत्र मांगा था लेकिन पंचायत सचिव ने इस आवेदन को यह कहकर खारिज किया कर दिया कि यह सूचना के अधिकार के नियम के विपरीत है। यह सूचना तीसरे व्यक्ति जुड़ी हुई है।
कोर्ट ने इस मामले में अतिरिक्त निदेशक पंचायती राज के कोर्ट में दायर तथ्यों को निरस्त करते हुए कहा कि मृत्यु प्रमाण पत्र मर चुके व्यक्ति से जुड़ा है। इसलिए यह थर्ड पार्टी सूचना कैसे हो सकता है। इसे जारी करना सूचना के अधिकार के अधीन है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जन्म एवं मृत्यु रजिस्टर पब्लिक दस्तावेज है।