प्रदेश हाईकोर्ट ने घुमारवीं पंचायत के पूर्व प्रधान किशोरी लाल के खिलाफ जारी रिकवरी आदेशों को रद्द कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने खंड विकास अधिकारी घुमारवीं की ओर से न्यायालय के समक्ष पेश की गई रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद पाया कि पूर्व प्रधान किशोरी लाल ने रिटेनिंग वॉल जनहित में लगवाई थी न की अपने फायदे के लिए लगाई थी।
प्रदेश उच्च न्यायालय ने रिटेनिंग वॉल को जनहित के दायरे में पाते हुए पूर्व प्रधान के खिलाफ जारी रिकवरी आदेशों को गलत पाया और रद्द कर दिया। प्रार्थी पूर्व प्रधान का कहना था कि उसने अपने खेत की रिटेनिंग वॉल अपनी संपत्ति को सुरक्षित करने के लिए नहीं बल्कि जनहित के दृष्टिगत लगाई थी। हाईकोर्ट ने प्रार्थी की याचिका पर 22 नवंबर 2018 को बीडीओ घुमारवीं को जांच करने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने खंड विकास अधिकारी घुमारवीं द्वारा की गई जांच के आधार पर न्यायालय के समक्ष सौंपी गई रिपोर्ट के दृष्टिगत प्रार्थी के खिलाफ रिकवरी आदेशों को रद्द कर दिया।