सरकार ने हिमाचल में 132 नए रूट चयनित किए हैं। इन पर सरकारी बसें चलाने की तैयारी है। मंत्री, सांसद, विधायक और पंचायतों के आवेदन पर इनकी पहचान की गई है। एचआरटीसी ने नए रूटों की दूरी 22 हजार 211 किलोमीटर तय की है।
ये सभी ग्रामीण क्षेत्रों के रूट हैं। निगम इन रूटों पर बसें चलाने की तैयारी कर रहा है। इन रूटों पर बसें 2019-20 वित्तीय वर्ष में चलाई जानी हैं। परिवहन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक आबादी के हिसाब से रूट फाइनल किए गए हैं।
कांगड़ा जिले को सबसे ज्यादा रूट दिए जाने की बात कही जा रही है। पहले इन रूटों पर ऑन ट्रायल बसें चलाई जाएंगी। अगर परिवहन निगम को घाटा लगता है तो रूटों से बसें हटाई भी जा सकती हैं। निगम के पास पहले ही दो सौ से अधिक ऐसे रूट हैं, जो घाटे में चल रहे हैं।
ऐसे में निगम प्रबंधन घाटे के रूटों पर बसें नहीं दौड़ाना चाहता है। कहा जा रहा है कि इन रूटों का निरीक्षण भी किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रति रूट में 40 से अधिक सवारियां होनी बताई जा रही हैं।
परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने बताया कि सांसद, विधायकों और पंचायतों ने रूटों पर बसें चलाने की मांग की है। कई ग्रामीण सड़कें ऐसी हैं, जहां कम बसें चलाई जा रही हैं। ऐसे में लोग अतिरिक्त बसें चलाने की मांग कर रहे हैं। हिमाचल में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों का निर्माण हुआ है, इनमें भी बसें चलाई जानी हैं।