हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि प्रशासनिक ट्रिब्यूनल किसी भी कानूनी विवाद में राज्य सरकार के जवाब दाखिल करने के अधिकार को कम या समाप्त नहीं कर सकता। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने राज्य बनाम गीता देवी मामले में ट्रिब्यूनल के 9 अप्रैल 2019 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें सरकार का पक्ष सुने बिना ही एक कर्मचारी के पक्ष में फैसला सुनाया गया था। हाईकोर्ट ने माना कि मूल आवेदन न केवल देरी से दायर किया गया था, बल्कि ट्रिब्यूनल ने प्रक्रियात्मक त्रुटि भी की थी। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका को स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया।