नियुक्ति हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी
निदेशालय की ओर से जारी कार्यालय आदेश में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने सीडब्ल्यूपी संख्या 14833/2026 में 26 अगस्त 2026 को पारित अंतरिम आदेश में स्पष्ट किया है कि विवादित नीति, आरएंडपी नियमों और इनके तहत की गई नियुक्तियों से किसी भी व्यक्ति के पक्ष में कोई स्थायी या न्यायसंगत अधिकार उत्पन्न नहीं होगा। सभी नियुक्तियां याचिका के अंतिम परिणाम के अधीन रहेंगी।
तो उसका सीधा असर इन नियुक्तियों पर पड़ सकता है
आदेश के अनुसार, सीबीएसई सब काडर नीति के तहत नियुक्त या अनुबंधित सभी अभ्यर्थियों को इस स्थिति की जानकारी देना अनिवार्य किया गया है। यदि हाईकोर्ट भविष्य में नीति या भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोई अलग फैसला सुनाता है तो उसका सीधा असर इन नियुक्तियों पर पड़ सकता है। शिक्षा विभाग ने सभी उपनिदेशकों और सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि आदेश की प्रति संबंधित अभ्यर्थियों तक तत्काल पहुंचाई जाए और अनुपालन रिपोर्ट सुनिश्चित की जाए। स्कूल शिक्षा निदेशक ने अधिकारियों को हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के अनुपालन में सभी प्रभावित अभ्यर्थियों को सूचना देने और इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
यह है मामला
प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सीबीएसई सब काडर नीति लागू की है। इसके तहत विभिन्न विषयों के शिक्षकों और अन्य पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई। हालांकि नीति और भर्ती नियमों को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। अदालत ने नियुक्तियों पर रोक नहीं लगाई, लेकिन उन्हें अंतिम फैसले के अधीन रखने के निर्देश दिए हैं।