आरबीआई की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक यदि किसी बैंक के नॉन परफॉर्मिंग असेट्स (एनपीए) 12 फीसदी से ज्यादा हैं तो वह बैंक न तो कोई नई शाखा खोल सकता है और न ही नई भर्ती कर सकता है। आरोपों के अनुसार वर्तमान में केसीसी बैंक का एनपीए 15.29 फीसदी है। ऐसे में नई भर्ती करना कानूनी तौर पर गलत है।
इसके अलावा पहले से ही रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसायटी ने आदेश जारी कर रखा है कि केसीसी बैंक से जुड़ी कोई भी भर्ती आईबीपीएस, अधीनस्थ चयन बोर्ड या राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से की जाएगी, लेकिन इस आदेश को भी नजरअंदाज कर भर्ती की जा रही है।
उधर, बैंक की ओर से इस भर्ती से जुड़े मामले में हाईकोर्ट को बताया गया कि 28 दिसंबर, 2018 को बैंक के निदेशक मंडल द्वारा पारित प्रस्ताव के तहत इन भर्तियों को रद्द कर दिया गया है। निदेशक मंडल की बैठक में पाया गया कि 31 मार्च, 2018 तक बैंक के एनपीए की राशि 75104 लाख रुपये और बैंक का लाभ घटकर 455 लाख रुपये पहुंच गया था।