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हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक में 216 पदों की भर्ती रद्द

Thu, 03 Jan 2019 12:30 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल हाईकोर्ट ने कांगड़ा केंद्रीय सहकारी (केसीसी) बैंक में विभिन्न श्रेणियों के 216 पद भरने के लिए शुरू की गई भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी है। बैंक के निदेशक मंडल के प्रस्ताव के बाद कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया रद्द करने का फैसला दिया। भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने के प्रस्ताव का आधार एनपीए का 12 फीसदी से ज्यादा होना, रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसायटी शिमला के निर्देशों, बैंक की वित्तीय स्थिति और कानूनी पहलुओं को बनाया गया है।

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मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने बैंक के इस वक्तव्य के बाद याचिकाओं को बंद करने के आदेश जारी किए। कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक ने जून 2017 में विभिन्न श्रेणियों के 216 पद भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। हाईकोर्ट में केशव कोरला द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि बैंक की भर्ती परीक्षा का आयोजन भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों को दरकिनार कर किया गया है।

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आरबीआई की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक यदि किसी बैंक के नॉन परफॉर्मिंग असेट्स (एनपीए) 12 फीसदी से ज्यादा हैं तो वह बैंक न तो कोई नई शाखा खोल सकता है और न ही नई भर्ती कर सकता है। आरोपों के अनुसार वर्तमान में केसीसी बैंक का एनपीए 15.29 फीसदी है। ऐसे में नई भर्ती करना कानूनी तौर पर गलत है।

इसके अलावा पहले से ही रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसायटी ने आदेश जारी कर रखा है कि केसीसी बैंक से जुड़ी कोई भी भर्ती आईबीपीएस, अधीनस्थ चयन बोर्ड या राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से की जाएगी, लेकिन इस आदेश को भी नजरअंदाज कर भर्ती की जा रही है।

उधर, बैंक की ओर से इस भर्ती से जुड़े मामले में हाईकोर्ट को बताया गया कि 28 दिसंबर, 2018 को बैंक के निदेशक मंडल द्वारा पारित प्रस्ताव के तहत इन भर्तियों को रद्द कर दिया गया है। निदेशक मंडल की बैठक में पाया गया कि 31 मार्च, 2018 तक बैंक के एनपीए की राशि 75104 लाख रुपये और बैंक का लाभ घटकर 455 लाख रुपये पहुंच गया था।
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