हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जन सरोकार से जुड़ी अमर उजाला की तीन खबरों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए केंद्र व राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि सरकार दो हफ्ते में जवाब दें। तीनों मामलों में 8 दिसंबर को सुनवाई की तिथि तय की गई है।
30 अक्तूबर 4, 9 नवंबर को छपी खबरें
अमर उजाला के 9 नवंबर के अंक में पेज नंबर दो पर छपी खबर 'दूध-सब्जी और फलों में जानलेवा वैक्सीन' पर कड़ा संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।
अमर उजाला ने खुलासा किया था कि किस तरह तरह आक्सीटोसिन वैक्सीन का बड़े पैमाने पर खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल हो रहा है। इस मामले में हाईकोर्ट ने दो सप्ताह के भीतर राज्य के मुख्य सचिव, प्रधान सचिव स्वास्थ्य, निदेशक खाद्य एवं आपूर्ति, ड्रग कंट्रोलर हिमाचल प्रदेश और ड्रग कंट्रोलर भारत सरकार से जवाब मांगा है।
इन मामलों में भी जवाबतलबी
अमर उजाला की 4 नवंबर को छपी एक अन्य खबर 'अवैध पार्किंग पर नहीं हो रही कार्रवाई', पर भी हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव, सचिव गृह, डीसी शिमला, डीजीपी, एसपी शिमला और नगर निगम शिमला को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब तलब किया है।
30 अक्तूबर को शिमला के लोअर बाजार में फायर ब्रिगेड की मॉक ड्रिल की एक विस्तृत रिपोर्ट अमर उजाला में छपी थी। जिसमें उल्लेख किया गया था कि डीसी आफिस से शेरे पंजाब तक पहुंचने में फायर टेंडर को सवा घंटा लगा।
इस पर भी हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव, सचिव गृह, सचिव राजस्व, कमांडेंट होम गार्ड, डीसी शिमला, एसपी शिमला और नगर निगम शिमला और चीफ फायर आफिसर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।