हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्य को कंपनियों के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) दायित्वों से लाभान्वित करने की दिशा में कथित लापरवाही के लिए नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार के पास विजन की कमी है। कोर्ट ने कंपनियों के कोऑपरेटिव सोशल रिस्पांसिबिलिटी के वैधानिक दायित्व पर ध्यान केंद्रित करते हुए यह कदम उठाया है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कितनी कंपनियों ने हिमाचल में भारी बारिश और त्रासदी के लिए योगदान करने की अपनी सामाजिक और वैधानिक जिम्मेदारी का पालन किया है। सरकार अभी तक ऐसी कंपनियों की सूची कोर्ट में पेश नहीं कर पाई है। उद्योग निदेशक के एक पत्र में 9 जुलाई 2025 को स्पष्ट किया गया था कि राज्य सरकार की सीएसआर गतिविधियों के कार्यान्वयन व निगरानी में कोई सीधी भूमिका नहीं है। यह दायित्व केंद्र सरकार के तहत कंपनी अधिनियम के तहत आता है।