हिमाचल हाईकोर्ट से एसएमसी शिक्षकों को लंबित वेतन देने की मंजूरी नहीं मिली है। सरकार के आवेदन को हाईकोर्ट ने ठुकरा दिया है। अब 12 अक्तूबर को मामले की सुनवाई होगी। सरकार की मांग पर हाईकोर्ट ने अतिरिक्त समय देने का फैसला लिया है। एसएमसी मामले को लेकर सरकार के आवेदन पर मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सरकार ने हाईकोर्ट से फैसले पर अमल के लिए अतिरिक्त समय की मांग की है। सरकार का कहना है कि एसएमसी अध्यापक दुर्गम क्षेत्रों में कोरोना काल के दौरान भी निर्बाधित सेवाएं दे रहे हैं। कोरोना संकट को देखते हुए इनकी सेवाएं फिलहाल जरूरी हैं।
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि इन अध्यापकों को बड़े समय से कोरोना महामारी के दौरान के समय का वेतन भी नहीं दिया गया है। सरकार ने उन अध्यापकों को वेतन देने की मंजूरी कोर्ट से मांगी, जिसे अस्वीकार करते हुए कोर्ट ने कहा कि एसएमसी अध्यापकों की नियुक्तियों के खिलाफ दिए फैसले के दृष्टिगत सरकार को यह मंजूरी नहीं दी जा सकती। इसका यह मतलब होगा कि कोर्ट ने इनकी नियुक्तियों को जायज ठहरा दिया। उधर, कोर्ट में सरकार की ओर से बताया गया कि वह भी सुप्रीमकोर्ट में एसएलपी दायर करने वाली है। इस कारण हाईकोर्ट ने सरकार के आवेदन पर सुनवाई 12 अक्तूबर के लिए टाल दी।