हिमाचल हाईकोर्ट ने खेल सचिव को 23 नवंबर को कोर्ट में तलब किया है। इस सुनवाई में खेल सचिव को बताना होगा कि शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए क्या कारगर कदम उठाए गए हैं।
हाईकोर्ट के अधिवक्ता अभिमन्यु राठौर की ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने ये आदेश पारित किए। याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार सरकार की ओर से सर्दियों से जुड़ी खेल गतिविधियों को चलाने के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
खेल से संबंधित बने नियमों और अधिनियमों के प्रावधानों को लागू करने में राज्य सरकार पूरी तरह विफल रही है। यही कारण है कि खेल के क्षेत्र में राज्य का योगदान न के बराबर रहता है। राज्य सरकार खिलाड़ियों के लिए बढ़िया ट्रेनर, कोच, डॉक्टर, वैज्ञानिक और अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं।
युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए इस तरह की मूलभूत सुविधाओं का होना जरूरी है। इस मामले में खेल सचिव के शपथ पत्र से असंतोष खबर अपडेट करें।