हिमाचल में नवंबर महीने में प्रस्तावित इन्वेस्टर मीट की तैयारियों में लगे अफसरों के काम की समीक्षा भी की जाएगी। कितने एमओयू किए गए और अंत में कितने एनओयू फाइनल हुए। सरकार इसकी विस्तृत जांच करवाएगी। इन्वेस्टर मीट के नाम पर देश-विदेश के दौरों को औपचारिकता समझने वाले अफसरों का भविष्य उनकी परफार्मेंस तय करेगी।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने बताया कि सरकार इन्वेस्टर मीट को लेकर बहुत गंभीर है। मुख्यमंत्री ने स्वयं मोर्चा संभाला हुआ है। ऐसे में सभी अफसरों से अपेक्षा है कि वे प्रदेश हित में पूरी ईमानदारी से इन्वेस्टर मीट को सफल बनाने में सहयोग करेंगे।
बीते कुछ माह के दौरान प्रदेश सरकार ने देश-विदेश के दौरे कर करीब 22 हजार करोड़ के एमओयू विभिन्न कंपनियों के साथ हस्ताक्षरित किए हैं। देश के कई नामी औद्योगिक घरानों से मुख्यमंत्री ने मुलाकात की है। इन एमओयू को करवाने में जितने भी अफसर जुटे हुए हैं, उन्हें सरकार ने आगामी दिनों में कंपनियों के साथ परस्पर संपर्क बनाए रखने को कहा है ताकि एमओयू सफल साबित हों।
उद्योग मंत्री ने बताया कि आगामी 26 जुलाई को अभी तक इन्वेस्टर मीट के लिए किए गए कार्यों की समीक्षा करने के लिए बैठक बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि नवंबर महीने में होने वाली इन्वेस्टर मीट सफल साबित होगी।