भरमौर हेलीपैड पर जम्मू-कश्मीर से आए श्रद्धालुओं ने कब्जा जमा लिया है। रविवार को पुश्तैनी पड़ाव हेलीपैड पर देवचिह्नों के साथ जम्मू-कश्मीर के यात्री बैठ गए। इससे रविवार दोपहर करीब एक बजे से उड़ानें ठप हो गई हैं। यह सिलसिला मंगलवार तक चलेगा।
प्रशासन ने यात्रा शुरू होने से पहले आश्वासन दिया था कि जम्मू-कश्मीर के यात्रियों को मना लिया जाएगा लेकिन जैसे ही श्रद्धालु हेलीपैड पहुंचे तो उन्होंने देवचिह्न हेलीपैड पर रख दिए। इससे आगामी करीब तीन दिन के लिए हेलीटैक्सी सेवा ठप हो गई है।
बता दें कि राधा अष्टमी के बड़े स्नान के लिए जम्मू-कश्मीर से आने वाले श्रद्धालु भरमौर में दो दिन रुकते हैं। एक दिन भरमाणी माता के दर्शन करते हैं जबकि दूसरा दिन चौरासी मंदिर में गुजारते हैं। यहां नाटी डालने के बाद आगामी पड़ाव हड़सर का रुख करते हैं। यह परंपरा कई सालों से चल रही है।
एडीएम विनय धीमान ने बताया कि करीब 600 श्रद्धालुओं की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। आगामी तीन दिन तक हेलीकॉप्टर न चलने की वजह से कई श्रद्धालुओं ने रविवार को अपनी टिकट रद्द करवाकर किराया मांग लिया है। एडीएम ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के
श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए सरकारी कॉलेज व अन्य जगहें खाली करवाई गई हैं लेकिन वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भरमौर में मंगलवार से परीक्षाएं शुरू होने की वजह से उसे खाली नहीं करवाया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक हेलीपैड खाली नहीं होगा, उड़ानें नहीं हो पाएंगी।
इसलिए हेलीपैड पर डेरा डालते हैं जेएंडके के श्रद्धालु
जम्मू-कश्मीर के श्रद्धालुओं और भरमौर प्रशासन के बीच टकराव काफी समय से चला आ रहा है। जम्मू-कश्मीर से आने वाले श्रद्धालु हेलीपैड बनने व हेलीटैक्सी सेवा शुरू होने से पूर्व भी भरमौर में इसी जगह पर पड़ाव डालते रहे हैं। लेकिन हेलीटैक्सी सेवा शुरू होने के
बाद इन श्रद्धालुओं पर प्रशासन लगातार पड़ाव बदलने का दबाव बनाता आ रहा है, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया है। जम्मू-कश्मीर के श्रद्धालु व्यास देव व संजय सिंह ने बताया कि उनके देवता किसी दूसरी जगह आसन स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए उन्हें हेलीपैड पर ही डेरा डालना पड़ता है।