हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के एलआईसी एजेंट आनंद सिंह चौहान को सीबीआई कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सीबीआई कोर्ट ने आनंद सिंह चौहान की न्यायिक हिरासत सात सितंबर तक बढ़ा दी है। प्रवर्तन निदेशालय ने चौहान को आठ जुलाई को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया था।
पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज विनोद कुमार ने शनिवार को आनंद सिंह चौहान की न्यायिक हिरासत सात सितंबर तक बढ़ा दी। उस दिन चौहान की गिरफ्तारी को 60 दिन हो जाएंगे। इस बीच अगर प्रवर्तन निदेशालय चार्जशीट दाखिल नहीं करता है तो उसे जमानत का कानूनी अधिकार मिल जाएगा।
एलआईसी एजेंट चौहान पर आरोप है कि उसने वीरभद्र के कालेधन के करीब पांच करोड़ रुपये एलआईसी की बीमा पॉलिसी में निवेश करवाए। आरोप है कि उसने वीरभद्र, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह व अन्य परिजनों के नाम पर बीमा पॉलिसी में निवेश करवाया।
जांच एजेंसी का कहना है कि वीरभद्र सिंह ने 2009 से 2011 के बीच केंद्रीय इस्पात मंत्री रहते हुए छह करोड़ की अघोषित संपत्ति अर्जित की थी।