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Aut tunnel: कुल्लू जाने वाले एकमात्र विकल्प औट टनल में पानी का भारी रिसाव, जान जोखिम में डालकर सफर

Sun, 30 Jul 2023 08:32 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी/नगवाईं

सार

चंडीगढ़-मनाली एनएच की तीन किलामीटर औट टनल में भी पानी का बहुत अधिक रिसाव हो रहा है।
हैरानी की बात यह है कि एनएचआई और प्रशासन की तरफ से अब लोगों की सुरक्षा को देखते हुए यहां पर कोई उचित कदम नहीं उठाया गया है।
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द्वाड़ा के पास फोरलेन बहा, औट टनल में भारी रिसाव - फोटो : संवाद
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विस्तार
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भारी बरसात ने जहां भारी तबाही मचाई हुई। वहीं चंडीगढ़-मनाली एनएच की तीन किलामीटर औट टनल में भी पानी का बहुत अधिक रिसाव हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि एनएचआई और प्रशासन की तरफ से अब लोगों की सुरक्षा को देखते हुए यहां पर कोई उचित कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में पानी का रिसाव होने से टनल से गुजरने वाले रोजाना हजारों लोगों और वाहन चालकों को हर समय सुरक्षा की चिंता लगी रहती है। आलम यह है कि टनल में कई जगहों पर पानी बारिश की तरह ही गिर रहा है। कई स्थानों पर पानी एकत्रित होने से चालकों को दिक्कत हो रही हैं।

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सुरंग में पानी का रिसाव होने हर जगह कीचड़ ही कीचड़ जमा हो गया है। इससे भी लोगों को खासी दिक्कत हो रही है। बाढ़ के कारण औट से लारजी और थलौट जाने वाले सभी वैकल्पिक मार्ग बंद हो गए हैं। ऐसे में पैदल चलने वाले लोगों के पास भी यही एक विकल्प है। लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने के लिए मजबूर हैं। औट पंचायत के उपप्रधान ने श्याम वैद्य ने बताया कहा कि सुरंग में जगह-जगह रिसाव हो रहा है। एनएचएआई को इस मार्ग पर इस टनल के सामरिक महत्व को देखते हुए इसका समाधान जल्द खोजना होगा नहीं तो कई जिंदगियाें पर यह सुरंग भारी पड़ सकती है।

लोगों का कहना है कि टनल में पानी का इतना अधिक रिसाव देखकर डर लग रहा है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से सुरंग में सुरक्षा की दृष्टि से उचित कदम उठाने को कहा। इस बारे मेें उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने कहा कि टनल में रिसाव की जानकारी मिली है। हमने इंजीनियरों को यह दिखाया है। बरसात में सुरंगों में रिसाव हो जाता है। खतरे वाली बात नहीं है।
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अगर सुरंगें नहीं होती तो क्या होता : ब्रिगेडियर
सेवा मेडल से सम्मानित कारगिल हीरो ब्रिगेडियर खुशाल ने कहा कि अगर चंडीगढ़-मनाली एनएच पर थलौट से हानोगी तक अगर टनलें नहीं बनीं होतीं तो हाइवे कई महीनों तक बहाल नहीं हो पाता। हाल ही में ब्यास में आई भयंकर बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। फोरलेन का भी अधिकतर हिस्सा बाढ़ की भेंट चढ़ गया है। थलौट के झलोगी से लेकर हनोगी तक तो पुराने मार्ग का कई स्थानों पर अस्तित्व ही खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि थलौट से लेकर हनोगी तक फोरलेन में टनलें नहीं तैयार नहीं हुई होती तो कुल्लू -मंड़ी हाइवे कई महीनों तक बहाल नहीं हो होता।

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