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हिमाचल में तूफान और भारी बारिश से फसलें तबाह, बिजली-पानी भी ठप

Thu, 12 May 2016 12:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला

सार

  • मंडी में बिजली गिरने से भेड़पालक समेत तीन महिलाएं घायल
  • फसलों को भी पहुंचा नुकसान, खेतों में काटी गेहूं भी हुई बर्बाद
  • सरकाघाट में ओलावृष्टि से गाड़ियों के शीशे टूटे, घरों की छतें उड़ीं 
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ओलावृष्टि से सोलन जिला में टमाटर की फसल पूरी तरह से तबाह हो गई है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल में मंगलवार रात को बारिश और तूफान से भारी नुकसान हुआ है। सूबे के कई क्षेत्रों में फसलें तबाह हो गई हैं। कई जगह सड़कें बंद हो गई हैं। बिजली और पानी की सप्लाई भी ठप है। रोहतांग में मंगलवार रात को हल्की बर्फबारी हुई है।
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जिला बिलासपुर में बारिश से निगम के तीन रूट प्रभावित हुए हैं। ये बिलासपुर-भ्यूंखर, बिलासपुर-कंधर और बिलासपुर-गाह घोड़ी रूट हैं। मंडी के देवीदहड़ क्षेत्र के बड़ा नरोल जंगल में बिजली गिरने से भेड़-बकरियां चरा रहे एक भेड़पालक समेत तीन महिलाएं घायल हो गई हैं।

34 भेड़-बकरियों की मौत हो गई। इससे पहले चौंतड़ा में बिजली गिरने से 40 भेड़-बकरियां मर गई थीं। मठियाणा गांव की चंद्रावती और सुषमा पर भी बिजली गिरी। इन्हें मंडी जोनल अस्पताल रेफर किया है। बिलासपुर जिले में बारिश, ओलावृष्टि के साथ तेज तूफान ने तबाही मचाई। कई जगह बिजली के खंभे उखड़ गए।
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बिजली गिरने ये मची तबाही, बह गए खेत

चंबा शहर के नजदीक सिल्लघाट में भारी बारिश से लोगों के खेत बह गए। - फोटो : अमर उजाला
चंबा में भेड़-बकरियां लेकर चक्कीधार दुनेरा से चंबा लौट रहे भेड़पालक की 35 भेड़ें बिजली गिरने से मर गईं। चंबा शहर के नजदीक सिल्लघाट में भारी बारिश से लोगों के खेत बह गए। बाढ़ से साल नाले पर सिंचाई एवं पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।

भरमौर में कई संपर्क मार्ग बंद हैं। चौंतड़ा में कई पेयजल योजनाएं बाधित हुई हैं। तीन दर्जन से अधिक गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप है। आम, आड़ू, पलम, नींबू की फसल तबाह हो गई। सरकाघाट में ओलावृष्टि से गाड़ियों के शीशे टूट गए।

सराज के जहल में मकानों की छतें उड़ गईं। सोलन में भारी बारिश और ओलावृष्टि से टमाटर, फ्रासबीन समेत नकदी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। खेतों में कटी पड़ी गेहूं बर्बाद हो गई। जिला ऊना में मंगलवार देर रात भारी बारिश और तूफान से बिजली बोर्ड को काफी नुकसान पहुंचा।

आज भी कई क्षेत्रों में बारिश, ओलावृष्टि की चेतावनी

सिरमौर के हरिपुरधार क्षेत्र में ओलावृष्टि से सब्जियों और फलों की फसल प्रभावित हुई है। - फोटो : अमर उजाला
तेज आंधी से करीब एक दर्जन से अधिक खंभे टूट गए। मंगलवार शाम सवा चार बजे बंद हुई बिजली आपूर्ति अधिकांश इलाकों में बुधवार बाद दोपहर तक सुचारु की जा सकी। उधर, रोहड़ू, कोटर्खाई में भी ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। सिरमौर के हरिपुरधार क्षेत्र में ओलावृष्टि से सब्जियों और फलों की फसल प्रभावित हुई है।

प्रदेश के मध्य पर्वतीय क्षेत्रों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा के कई क्षेत्रों में वीरवार को भारी बारिश और ओलावृष्टि होने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 15 मई तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जताया है। उधर, मंगलवार को हुई बारिश के चलते बुधवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में पांच डिग्री तक गिरावट आई है।
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हर जगह तबाही का मंजर, कहर बनकर बरसे ओले

किसान चिंता में पड़ गए हैं। फसलों की हालत खराब है और मौसम भी बार बार डरा रहा है। - फोटो : अमर उजाला
सोलन में भारी बारिश और ओलावृष्टि किसानों की मेहनत पर कहर बनकर बरसी। जिला के अधिकांश क्षेत्रों में सैकड़ों किसानों की करोड़ों रुपये की पैदावार तबाह हो गई है। किसानों रोजी रोटी का जरिया टमाटर, फ्रासबीन और शिमला मिर्च की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।

इन नकदी फसलों का हर साल सोलन में करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। गेहूं की कटी और खड़ी पैदावार भारी बारिश के कारण भीगकर काली पड़ गई है। भारी बारिश से नदी नालों में आए उफान से कई बीघा जमीन फसलों समेत पानी में बह गई है।

सलोगड़ा, अश्वनीखड्ड और हरठ का क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित है। जिला में भारी नुकसान की आशंका को देखते हुए क्षति का जायजा लेने के लिए राजस्व, कृषि विभाग की टीमों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा शुरू कर दिया है। उधर बारिश थमने के बाद किसानों ने भी खेतों का रुख किया। नुकसान के हालात को देखकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं।

कुछ किसानों का कहना है कि बैंकों से बीज, दवाई, खाद, ट्रैक्टर और अन्य उपकरण के लिए किसानों ने लाखों का ऋण लिया है। फसलों और बगीचों के बर्बाद होने से वह टूट चुके हैं। कई जगहों पर किसानों-बागवानों ने श्रमिक भी लगाए हैं। किसानों का कहना है कि यदि आर्थिक तौर पर सरकार ने मदद नहीं की तो किसान कृषि छोड़ने के लिए मजबूर होंगे।
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