बिलासपुर में पुराना चंडीगढ़-मनाली एनएच समेत बरठीं-बागछाल-थापना और नंगल-भाखड़ा-श्री नयना देवी जी सड़क बंद है। बारिश से 11 कच्चे मकान आंशिक और तीन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हमीरपुर में भी बारिश से कई घरों को नुकसान पहुंचा है। कागड़ा की देहन पंचायत में रिश्तेदार के घर शोक व्यक्त करने पहुंचीं पांच महिलाएं कच्चा मकान गिरने से घायल हो गईं। थुरल पंचायत के गरडेड़ गांव में मंगलवार सुबह भूस्खलन हुआ। गांव के 14 परिवार चपेट में आ गए। प्रशासन ने गांव को असुरक्षित घोषित कर दिया है और प्रभावित परिवारों के 22 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। कांगड़ा में चार मकानों समेत 13 गोशालाओं को नुकसान पहुंचा है। मंडी-पठानकोट एनएच बनोई के पास भूस्खलन के चलते कई घंटे बंद रहा। गगल हवाई अड्डे पर सभी उड़ानें सुचारु रूप से पहुंचीं। चंबा में भारी बारिश से दो मकान गिर गए। भरमौर-पठानकोट हाईवे पर दुनेरा और बनीखेत के पास भूस्खलन से आठ घंटे बंद रहा।
मानसून सीजन में 417 लोगों की मौत, 45 लापता
हिमाचल में इस मानसून सीजन में अब तक 4,582 करोड़ की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। प्रदेश में 20 जून से 16 सितंबर तक 417 लोगों की जान चली गई है, 477 लोग घायल हुए हैं। 45 लोग अभी भी लापता हैं। 181 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है। राज्य में 584 पक्के, 918 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। 2,062 पक्के और 4,441 कच्चे मकानों को नुकसान हुआ है। 594 दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गईं।