हिमाचल में पिछले एक सप्ताह से आफत की बारिश जारी है। सोमवार को भी राजधानी शिमला समेत प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बारिश हुई। मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, नाहन और बिलासपुर में करीब एक दर्जन घर भारी बारिश और चट्टानें गिरने से ध्वस्त हो गए हैं। कांगड़ा के जवाली में रविवार देर रात बारिश से एक मकान गिर गया।
इसमें सोए तीन लोग दब गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को मलबे से सुरक्षित निकाला। मंडी के बल्ह क्षेत्र की सिधयाणी पंचायत के सदेहड़ा गांव में भारी बारिश के चलते सोमवार सुबह एक स्लेटपोश मकान ढह गया। मलबे में दबने से दादी और पोती घायल हो गई हैं।
उधर, सोमवार को जसूर रेलवे पुल से होकर पानी गुजर रहा था। खराब मौसम से कांगड़ा घाटी रेल सेवा भी प्रभावित रही। पहाड़ी में भूस्खलन से मनाली के प्रसिद्ध मनु मंदिर को खतरा हो गया है।
मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक मैदानी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी है। 11 अगस्त तक भारी बारिश, जबकि 13 अगस्त तक सूबे में मौसम खराब बना रहेगा। राजधानी शिमला में पिछले एक सप्ताह से सूरज के दर्शन नहीं हुए।
कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, नाहन और बिलासपुर में ज्यादा नुकसान
जिला कुल्लू के बंजार उपमंडल की फॉरेस्ट कॉलोनी में चट्टानें गिरने से चार मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सैंज घाटी में देवता मनु ऋषि के देवालय के साथ पहाड़ी में हुए भूस्खलन से मंदिर को खतरा हो गया है। ऊना में गगरेट-दौलतपुर मार्ग नाले में आई बाढ़ से छह घंटे बद रहा। सुंदरनगर के रड़ा और बलद्वाड़ा की खुडला पंचायत में मकान ढह गए।
धर्मपुर के कोठुआं में भारी बारिश से गौशाला गिर गई। जिले में कई संपर्क सड़कें बाधित हैं। सरकाघाट के लुणाधा में एक मकान का हिस्सा गिर गया। इससे साथ लगते तीन मकानों को भी खतरा हो गया है। जिला बिलासपुर के बरमाणा के दयोली में कच्चा मकान गिर गया।
सिरमौर जिले के नाहन में डाइट की सुरक्षा दीवार गिरने से एक गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। एक अन्य वाहन को भी नुकसान पहुंचा। चंबा जिले के गैहरा-पटड़ीघाट सड़क पर जाजर के समीप ल्हासा गिरने के कारण नौ गांव सड़क से कट गए हैं।
कांगड़ा के कलोहा के सरड बम्मी में एक मकान और दो गौशालाएं गिर गईं। होशियारपुर-कांगड़ा राष्टीय उच्च मार्ग 503 में ढलियारा में खड्ड में बाढ़ आने से ढाई घंटे तक बंद रहा। करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
पांच जिलों में 50 से 75 फीसदी तक मक्की तबाह
कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना जिले में बारिश से साथ अंधड़ से पिछले दो दिन में 50 से 75 फीसदी तक मक्की फसल तबाह हो गई। किसानों की फसल खेतों में बिछ गई है।
स्वारघाट की 24 पंचायतों में 75 फीसदी मक्की की फसल तबाह हो गई है। तलाई में भी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। चंबा जिले के साहो क्षेत्र की परौथा पंचायत में मूसलाधार बारिश से मक्की की 65 प्रतिशत फसल तबाह हो गई है।