फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अस्पताल ने नहीं दी ये सुविधा, 5 घंटे तड़प-तड़प कर मर गई महिला

Thu, 13 Apr 2017 08:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)
विज्ञापन
विज्ञापन
यहां डॉक्टरों की बेहरमी का मामला सामने आया है। इंसानियत एक बार फिर शर्मसार हो गई। महिला पांच घंटे तड़प-तड़प कर मर गई। हार्ट अटैक आए मरीज को नगरोटा सूरियां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में समय पर एंबुलेंस और ऑक्सीजन मुहैया हो जाती तो जान बच सकती थी। मामला हिमाचल के कांगड़ा जिले का है। मंगलवार को लंज निवासी 70 वर्षीय विधवा चींभ देवी को हार्ट अटैक आया। परिजन सुबह नौ बजे मरीज को लेकर नगरोटा सूरियां अस्पताल पहुंच गए थे।
विज्ञापन


मरीज को डॉक्टर ने टांडा भी रेफर कर दिया था लेकिन 5 घंटे तक इंतजार करने के बाद भी अस्पताल प्रशासन 108 एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं करवा पाया। मरीज को पांच घंटे तड़पता देख समाज सेवी बलजीत मेहरा ने अपनी जेब से पैसे देकर गाड़ी में टांडा भेज दिया लेकिन देरी होने के कारण टांडा मेडिकल कालेज के डॉक्टर नहीं बचा पाए और रात करीब 12 बजे गरीब महिला चींभ ने दम तोड़ दिया। 
विज्ञापन

अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर भी....

टांडा के डॉक्टरों ने कहा कि समय रहते मरीज यहां पहुच जाता तो बच सकता था।  मृतक महिला आईआरडीपी परिवार से संबंधित थी। बलजीत मेहरा ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरोटा सूरियां में तैनात महिला डॉक्टर का भी व्यवहार ठीक नहीं था। हैरानी तो इस बात की है कि अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर भी खाली ही रखे हुए हैं। 

इस बारे खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहन चौधरी का कहना है कि ऑक्सीजन सिलेंडर सीएमओ आफिस से भेजे जाते हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में 12 ऑक्सीजन सिलेंडर हैं। लेकिन स्टाफ की गलती है कि उन्होंने खाली सिलेंडर अलग से नहीं रखे थे। उधर परिजनों ने अस्पताल स्टाफ की लापरवाही की कड़ी निंदा की है और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने गरीब महिला की मौत के लिए सीएमओ कांगड़ा को भी दोषी करार दिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें