पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में आरक्षण रोस्टर में गलत तरीके से आरक्षण लागू करने के आरोपों को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई अब हाईकोर्ट में बुधवार को होगी। मंगलवार को न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश ज्योत्स्ना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने याचिका की सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि कोर्ट के पिछले आदेशानुसार 14 दिसंबर, 2020 की आरक्षण रोस्टर अधिसूचना पर जो स्टे लगाया था, वह केवल शिमला जिले के चौपाल ब्लॉक के लिए ही लागू होगा।
गौर हो कि हाईकोर्ट ने विभिन्न मामलों में पंचायती राज संस्थाओं के अलग-अलग पदों के लिए होने वाली चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगाई है। अब आगामी सुनवाई में ही स्पष्ट हो पाएगा कि सरकार की ओर से विभिन्न पंचायतों और परिषदों में आरक्षित रोस्टर लागू हो पाएंगे या नहीं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि विभिन्न पंचायतों में लंबे समय से प्रधान पद के लिए सीट आरक्षित रखी गई है, जो पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत बनाए प्रावधानों का उल्लंघन है।