पैट के अधिवक्ता योगेश कुमार माहुर ने बताया कि पैट द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की गई थी, जिसमें उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय से मांग की थी कि इस मामले की जल्दी सुनवाई की जाए क्योंकि इससे प्रदेश में लगभग 12000 अध्यापकों को नियमितीकरण मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को मानते हुए जल्द सुनवाई की दलील को स्वीकार कर लिया और 14 अक्टूबर को मामले को सुनवाई के लिए रख दिया है।