एक भवन मालिक को पेड़ काटने पर लगाया जुर्माना अमर उजाला ब्यूरो शिमला। राजधानी के पंथाघाटी क्षेत्र में प्लॉट खाली करने के लिए निजी भूमि से 110 से ज्यादा छोटे-बड़े हरे पेड़ काटने के मामले की सुनवाई शुरू हो गई है।
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा की अदालत में मंगलवार को इस मामले पर पहली सुनवाई हुई। इसमें वन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर भूमि मालिक से भी रिकॉर्ड तलब किया है। दोनों पक्षों की ओर से दिया रिकॉर्ड भी चेक किया गया है। फिलहाल दोनों पक्षों वन विभाग और भूमि मालिक से अगली सुनवाई में भी रिकॉर्ड मांगा गया है। मामला पंथाघाटी क्षेत्र का है। वन विभाग के अनुसार यहां एक व्यक्ति ने अपनी जमीन पर खड़े छोटे बड़े 110 से ज्यादा पेड़ पौधे काट दिए थे। काटे गए पेड़ विभिन्न प्रजातियों के हैं। वन विभाग ने इस मामले में 20 लाख की डैमेज रिपोर्ट (डीआर) काटी है। पहले नगर निगम कोर्ट में इसकी सुनवाई शुरू नहीं हो रही थी लेकिन अब नियमानुसार इसमें सुनवाई का फैसला लिया है। शिमला शहर में नगर निगम की परिधि में एक साथ इतने पेड़ों को काटे जाने का यह पहला मामला है। नियमाें के अनुसार निजी जमीन पर भी यदि पेड़ काटने हैं तो इसके लिए वन विभाग से मंजूरी लेना अनिवार्य है।
विज्ञापन
समरहिल में एक भवन मालिक पर अतिरिक्त आयुक्त की अदालत ने दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इस भवन मालिक ने बिना अनुमति पेड़ काट दिया था। इस मामले पर सुनवाई पूरी करते हुए अतिरिक्त आयुक्त भुवन शर्मा की अदालत ने दस हजार रुपये जुर्माना लगाया। अदालत ने सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वाले कई लोगों को भी जुर्माना लगाया है।