स्क्रब टायफस के 12 और मामले आने से मचा हड़कंप
शिमला। आईजीएमसी में स्क्रब टायफस के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। बुधवार को स्क्रब टायफस की करीब 37 रिपोर्ट जांच के लिए भेजी गईं थीं जिसमें से 12 पॉजिटिव निकली हैं। इसमें सबसे अधिक मामले ऊपरी शिमला से आए हैं। स्क्रब टायफस के शिकार सबसे ज्यादा ग्रामीण महिलाएं और छोटे बच्चे हो रहे हैं।
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनकराज ने बुधवार को 12 मामले पॉजिटिव आने की पुष्टि की है। कहा कि स्क्रब टायफस से बचने के लिए डॉक्टरों की सलाह मानना बहुत जरूरी है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इसका सबसे ज्यादा खतरा रहता है। एकाएक 12 स्क्रब टायफस के नए मामलों के आने से लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि अस्पताल में जो मरीज इस बीमारी की गिरफ्त में हैं, वह सभी ओपीडी में इलाज करवाने आए थे।
मरीजों को ओपीडी में प्राथमिक उपचार देने के बाद घर भेज दिया है। मौजूदा समय में आईसीयू और वार्ड में भी मरीज दाखिल हैं। बुधवार को दीवान चौहान (54), हार्दिक (4), मीर दासी (65), सुमित्रा (65), हिमांशु (9), संतोषी देवी (42), राम कुमार (14), बसंत लाल (39), दया देवी (72), कुनाल (8), आशा कुमारी (48) और रमा देवी (35) की स्क्रब टायफस की रिपोर्ट पाजिटिव आई। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है। कहा कि घास काटते वक्त वह पूरे कपड़े पहनें ताकि घास में पाया जाना वाला पिस्सु उन्हें नहीं काट सके। स्क्रब टायफस घास में पाए जाने वाले एक खास तरह के पिस्सु के काटने से होता है।