वार्ड और आईवीडी सेवाएं शुरू हुए हो चुका है एक महीना, अभी भी नहीं पहुंचा पूरा स्टाफ
हृदय रोग के टेस्ट करवाने के लिए भी मरीजों को जाना पड़ रहा आईजीएमसी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी शिमला के चमियाना स्थित अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान में छह विभागों की ओपीडी, आईवीडी और वार्ड सेवाएं शुरू हुए एक महीना बीत चुका है, लेकिन अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की कमी समस्या बनी हुई है। अधूरी सुविधाओं, स्टाफ की अनुपलब्धता और परिवहन समस्याओं के कारण मरीजों को अब भी यूरोलॉजी और नेफरोलॉजी सहित कई विभागों के ऑपरेशनों के लिए इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) का रुख करना पड़ रहा है। साथ ही कार्डियोलॉजी विभाग के टेस्ट करवाने के लिए भी मरीजों को आईजीएमसी जाना पड़ रहा है।
वर्तमान में चमियाना अस्पताल में यूरोलॉजी, गैस्ट्रोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, नेफरोलॉजी, कार्डियोलॉजी और न्यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी सेवाएं शुरू हो गई हैं, लेकिन इन विभागों का पूरा विशेषज्ञ मेडिकल स्टाफ अभी तक आईजीएमसी से स्थानांतरित नहीं किया गया है। ऐसे मरीज जिन्हें भर्ती कर ऑपरेशन करने की आवश्यकता है, उन्हें आईजीएमसी भेजा जा रहा है। आईजीएमसी में इन ही इन विभागों की इमरजेंसी और इनडोर सेवाएं अभी भी संचालित हो रही हैं। डॉक्टरों और तकनीकी स्टाफ की जिम्मेदारियां वहां भी बनी हुई हैं, जिसके चलते वे स्थायी रूप से चमियाना में ड्यूटी नहीं दे पा रहे।
चमियाना में कुछ ओपीडी सेवाओं की शुरुआत के बावजूद यहां अभी तक सभी इनडोर सेवाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। यहां न तो ब्लड बैंक, न पूरा आईसीयू सपोर्ट और न ही इमरजेंसी चिकित्सा सेवाएं चालू हो पाई हैं। -
लिथोट्रिप्सी मशीन और स्कैन सुविधाओं का अभाव
यूरोलॉजी विभाग में पथरी के मरीजों के लिए आवश्यक लिथोट्रिप्सी मशीन अभी तक चमियाना अस्पताल में उपलब्ध नहीं हो पाई है। ऐसे मरीजों को मजबूरन खस्ताहाल और सकरी सड़कों से होकर एक घंटे का सफर तय कर आईजीएमसी जाना पड़ रहा है। वहीं कार्डियोलॉजी और न्यूरोलॉजी विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण जांच जैसे एमआरआई, सीटी स्कैन और पेट स्कैन की सुविधा भी अस्पताल में नहीं है। इन जांचों के बिना सही निदान और समय पर इलाज संभव नहीं हो पाता। गंभीर मरीजों को फिर से आईजीएमसी रेफर करना पड़ रहा है।
-
सड़क और परिवहन सेवाएं भी बनी बड़ी चुनौती
चमियाना अस्पताल पहुंचने के लिए मुख्य सड़क की स्थिति आज भी खराब है। भट्ठाकुफर से चमियाना तक की सड़क में कई तीखे मोड़ हैं, जगह-जगह गड्ढे और अवैध पार्किंग के कारण जाम की स्थिति बन रहती है। ऐसे में न तो एंबुलेंस सुगमता से गुजर पाती है और न ही मरीज समय पर अस्पताल पहुंच पाते हैं। अभी तक आईजीएमसी से सीधे चमियाना के लिए कोई नियमित बस सेवा शुरू नहीं हो पाई है। मरीजों और तीमारदारों को एचआरटीसी की सीमित टेंपो ट्रैवलर सेवा पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जो सवारियों से भरी रहती है। कई बार मरीजों को खड़े होकर सफर करना पड़ता है।
-
कोट
चमियाना सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर शर्मा ने बताया कि फिलहाल कुछ स्टाफ आईजीएमसी में भी सेवाएं दे रहा है। यूरोलॉजी और कार्डियोलॉजी के ऑपरेशन आईजीएमसी में किए जा रहे हैं। धीरे-धीरे मशीनें और स्टाफ को चमियाना लाया जा रहा है जिसके बाद मरीजों को यहीं पर सुविधा मिलेगी।