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Shimla News: आईजीएमसी में निजी कंपनी को एमओयू के तहत करने होंगे मुफ्त टेस्ट

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अस्पताल प्रशासन निजी लैब प्रबंधन के साथ करेगा बैठक, एमओयू की शर्तें करनी होंगी पूरी
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लैब कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड जरूरी, 40 फीसदी छूट के साथ करवाने होंगे मरीजों के अन्य टेस्ट
टेस्ट के नाम पर मरीजों को गुमराह करने वालों की सीधे प्रशासन से शिकायत कर सकेंगे मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। आईजीएमसी परिसर में निजी लैब कर्मचारियों के खुलेआम ब्लड सैंपल लेकर टेस्ट के मुंह मांगे दाम वसूलने के मामले के बाद अब अस्पताल प्रशासन ने सरकार की ओर से परिसर में अधिकृत की गई क्रस्ना लैब प्रशासन के साथ बैठक बुलाई है। अस्पताल प्रशासन इस लैब को सरकार के साथ हुए एमओयू के अनुसार सभी 133 निशुल्क टेस्ट करवाने के लिए बाध्य करेगा। वहीं जो टेस्ट नहीं हो पाएंगे, उन टेस्ट को अस्पताल प्रशासन बाजार रेट से 40 फीसदी कम रेट पर करवाना अनिवार्य करने जा रहा है। इसके लिए अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. राहुल राव निजी लैब कंपनी के प्रबंधन के साथ सोमवार को बैठक करेंगे। इसमें कंपनी को परिसर में अवैध रूप से बाहरी निजी लैब के लोगों के आकर सैंपल लेने और टेस्ट करने के अवैध धंधे को बंद करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देश भी देंगे। अधिकृत निजी लैब के स्टाफ को लैब का मार्क और कर्मी के नाम के साथ व्हाइट कोट पहनना अनिवार्य किया जा रहा है। वहीं अस्पताल में निजी लैब में ही मुख्यमंत्री निशुल्क निदान योजना के तहत सभी 133 टेस्ट निशुल्क करवाने को कहेंगे। इसके अलावा अन्य टेस्ट को भी निजी लैब ही सस्ते दाम पर करवाकर मरीजों को रिपोर्ट देने की व्यवस्था करेगी।
एमएस डाॅ. राहुल राव ने कहा कि लैब के कलेक्शन सेंटर और परिसर में बने कार्यालय के बाहर सभी निशुल्क टेस्ट की सूची लगाई गई है। मरीज भी इसको लेकर स्वयं जागरूक बनें। न्यू ओपीडी ब्लॉक की दूसरी मंजिल में अधिकृत निजी लैब के कलेक्शन सेंटर में ही उपचाराधीन और इमरजेंसी के मरीज सैंपल जमा करवाएं। सरकारी लैब के सैंपल लैब ही जमा किए जाते हैं। क्रस्ना लैब के स्टाफ को ड्रेस कोड अनिवार्य किया जाएगा, जिससे कोई भी मरीज या तीमारदार यहां अवैध रूप से बाहरी लैब के एजेंट के झांसे में न आएं।
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टेस्ट संबंधित प्रशासन से शिकायत कर सकते हैं मरीज, तीमारदार
एमएस डाॅ. राहुल राव ने कहा कि परिसर में टेस्ट को लेकर मरीज, तीमारदार गुमराह न हों, किसी के भी झांसे में न आएं। टेस्ट संबंधित किसी भी तरह की शिकायत सीधे अस्पताल प्रशासन से की जा सकती है। जल्द ही शिकायत के लिए अलग से व्यवस्था करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। निजी लैब के एजेंट के रूप में यदि कोई भी कर्मचारी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होना तय है।
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पैरामेडिकल काउंसिल करे आईजीएमसी के आसपास की लैब की जांच
आईजीएमसी में ब्लड सैंपल लेने आई निजी लैब की कर्मी बीएससी थी, अब वह सैंपल लेने के लिए प्रशिक्षित थी या नहीं, उसके पास काम के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता थी या नहीं, यह जांच में सामने आएगा। प्रदेश की पैरामेडिकल काउंसिल की जिम्मेदारी बढ़ गई है। काउंसिल को आईजीएमसी के आसपास चल रही सभी लैब में सैंपल लेने का कार्य कर रहे स्टाफ की शैक्षणिक, तकनीकी योग्यता और अनुभव को लेकर पड़ताल करनी जरूरी है जिससे इन लैब में टेस्ट करवाने आने वाले मरीजाें की जिंदगी के साथ खिलवाड़ न हो। अप्रशिक्षित और गैर अनुभवी लाेग यदि सैंपल लेने का कार्य कर रहे हैं, तो इससे निश्चित तौर पर मरीजों के जीवन को खतरा हो सकता है।
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