ओपीडी के बाहर मरीजों की नहीं लगेंगी लंबी लाइनें
अस्पताल प्रबंधन आने वाले दिनों में शुरू करने जा रहा व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) की ओपीडी में जुगाड़ के जरिये मरीज अब पहले अपना उपचार नहीं करवा सकेंगे। पर्ची काउंटर पर जो टोकन नंबर छपकर आएगा उसी नंबर के आधार पर ओपीडी में मरीजों को उपचार दिया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन आने वाले कुछ दिनों में यह व्यवस्था लागू करने जा रहा है। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने इसकी पुष्टि की है।
आईजीएमसी में रोजाना औसतन 3500 से अधिक मरीज उपचार के लिए ओपीडी में आते हैं। पर्ची बनाने के बाद मरीज ओपीडी के बाहर लाइनों में खड़े रहते हैं। मरीज किसी भी तरह दूसरे से पहले अपना उपचार करवाने के लिए यहां पर कड़ी मशक्कत करते हैं। मरीज अपनी जान-पहचान का इस्तेमाल करके डॉक्टरों तक पहुंचते हैं। जबकि दूसरी ओर आम मरीज घंटों लाइनों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। लिहाजा ओपीडी के बाहर भीड़ न लगे और जो मरीज अस्पताल में पहले आया है उसे प्राथमिकता पर उपचार देने के लिए यह कवायद अस्पताल प्रबंधन शुरू कर रहा है।
बता दें कि जो मरीज मंडी, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, सोलन या सिरमौर से आते हैं उनको इसका अधिक लाभ होगा।
इनसेट
सेटअप में कुछ खामियां, किया जाएगा बदलाव
बताया जा रहा है कि इस व्यवस्था को शुरू करने से पहले प्रबंधन ने सोमवार को बैठक बुलाई है, ताकि जब इस व्यवस्था को शुरू किया जाए तो किसी तरह की दिक्कत पेश न आए। अस्पताल प्रबंधन ने हाल ही में ट्रायल बेस पर इसे चेक किया था, जिसमें पता चला था कि मरीज की पर्ची तो बन रही है, लेकिन टोकन नंबर के लिए अलग प्रिंट देना होगा। लिहाजा यही वजह है कि जिसने यह साॅफ्टवेयर बनाया है उसे अस्पताल की ओर से इस बारे में जानकारी दी जाएगी ताकि भविष्य में दिक्कतें पेश न आएं।