साढ़े तीन माह से नहीं हुई बारिश और बढ़ी ठंड से बीमारियों की चपेट में आ रहे लोग
चिकित्सकों की ठंड से बचने, खान-पान का विशेष ख्याल रखने की दी सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। बारिश न होने से बने सूखे जैसे हालात, तापमान में आई गिरावट के बाद बढ़ी ठंड से लोग सर्दी, जुकाम, सूखी खांसी, गले में दर्द और बुखार के चपेट में आ रहे हैं। इन रोगों से ग्रस्त होने वाले लोगों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। अस्पतालों में इन रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मौसम की यह मार हर आयु वर्ग के लोगों पर पड़ रही है। बुजुर्ग और बच्चे अधिक बीमार पड़ रहे हैं।
राजधानी के क्षेत्रीय अस्पताल डीडीयू में रोजाना अकेले मेडिसन ओपीडी में ही 35 से 40 इन मौसमी रोगों से ग्रस्त मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं बच्चों की ओपीडी में भी बीमार बच्चे आ रहे हैं। पहले ये इन रोगों से ग्रस्त रोगियों का आंकड़ा 10 से 12 तक ही रहता था, जो अब 35 से 40 तक पहुंच रहा है। डीडीयू की मेडिसन विभाग की चिकित्सक डॉ. सोनिया ने बताया कि इन रोगों के पनपने की मुख्य वजह शुष्क मौसम और बारिश न होने के साथ ही ठंड का बढ़ना है। तापमान में आई गिरावट से ठंड बढ़ गई है। ऐसे में हल्की सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनने और खान-पान का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। ऐसे में ठंडा पानी न पियें, उबला हुआ कोसा पानी पियें। ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहननें। इन रोगों के होने पर चिकित्सक को दिखाना जरूरी है। उधर, डीडीयू के बाल रोग विभाग की ओपीडी में भी सर्दी, जुकाम, गले में दर्द जैसे रोगों से ग्रस्त मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकुर धर्माणी ने माना कि ठंड और खुश्क मौसम में बच्चे भी बीमार पड़ रहे हैं। ठंड से बचाने और खान-पान का विशेष ख्याल रखने की सलाह दी है।