विशेषकर चुराह विधानसभा क्षेत्र के कई इलाकों में कशमल ग्रामीणों के लिए आय का महत्वपूर्ण साधन बनकर उभरी है। सूत्रों के अनुसार बैरियर पर कृषि एवं उपज मंडी की ओर से ग्रामीणों को मिलने वाले दामों की जानकारी भी ली गई। इसमें सामने आया कि बाहरी ठेकेदार स्थानीय लोगों से कशमल 30 से 40 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद रहे हैं, जबकि आगे औषधि कंपनियों को यही कशमल 60 से 100 रुपये प्रति किलोग्राम तक बेची जा रही है। कम दाम मिलने और प्राकृतिक दोहन की आशंका के चलते अब कुछ ग्रामीण कशमल निकालने से परहेज करने लगे हैं। उत्तराखंड के औषधि कारखानों में कशमल का उपयोग दवा निर्माण में किया जाता है। चंबा से मांग की गई थी। बैरियर रिकॉर्ड के मुताबिक एक हफ्ते में 5,850 क्विंटल खेप भेजी गई है। अभी और भी मांग आ रही है। भानू प्रताप सिंह, सचिव, कृषि एवं उपज मंडी चंबा