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मंत्री जी ने लिया कड़ा संज्ञान, मंदिरों से हटाए जाएंगे ये बोर्ड

Sun, 04 Jun 2017 11:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विधि एवं राजस्व मंत्री कौल सिंह ने कहा कि राज्य के धार्मिक स्थलों और मंदिरों में महिलाओं के प्रवेश पर रोक को कानून कभी इजाजत नहीं देता है। उन्होंने कुछ मंदिरों में महिलाओं के प्रवेश पर रोक संबंधी साइन बोर्ड होने की शिकायत पर कड़ा संज्ञान लेते हुए इन्हें तुरंत हटाने को कहा।
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उन्होंने राज्य के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निजी अल्ट्रासाउंड मशीनों के नियमित निरीक्षण करने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कहा कि प्रसव पूर्व गर्भाधान पर सूचना देने वाले को सरकार ने एक लाख रुपये इनाम रखा है।  प्रदेश में लिंगानुपात में सुधार को निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।


2011 की गणना के 909 के मुकाबले वर्ष 2016 के सर्वेक्षण के अनुसार लिंगानुपात बढ़कर 936 तक पहुंच गया है। कौल सिंह शनिवार को पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम 1994 के तहत राज्य पर्यवेक्षी बोर्ड की आठवीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
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बोले, लिंगानुपात में सुधार न हो पाना चिंताजनक

कहा कि राज्य के स्वास्थ्य मानक देश भर में अव्वल हैं, लेकिन लिंगानुपात में आशातीत सुधार न हो पाना चिंताजनक है। सरकार ने बेटियों की आबादी को प्रोत्साहित करने के लिए कई कार्यक्रम चलाए हैं।

इनमें ‘बेटी है अनमोल’ योजना का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन किया है। इकलौती बेटी के लिए मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस एक सीट आरक्षित की है। सरकार प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में एक-एक सीट इकलौती बेटी के लिए आरक्षित करने पर विचार कर रही है। 

प्रदेश में कुल 271 पंजीकृत अल्ट्रासाउंड मशीनें 
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कुल 271 पंजीकृत अल्ट्रासाउंड मशीनें हैं। इनमें 87 सरकारी क्षेत्र में तथा अन्य निजी तौर पर संचालित की जा रही हैं। राज्य में वर्तमान में 7655 आशा वर्कर कार्य कर रही हैं। वे संबंधित कार्य क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं का पूरा रिकॉर्ड रखती हैं। 

बैठक में ये रहे मौजूद 
राज्य विश्वविद्यालय, महिला अध्ययन एवं विकास केंद्र की निदेशक प्रो. ममता मोक्टा ने प्रदेश में शिशु लिंगानुपात में कमी, मुद्दे और चुनौतियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। प्रधान सचिव स्वास्थ्य प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव विधि बलदेव ठाकुर, निदेशक स्वास्थ्य सुरक्षा

एवं नियमन कैप्टन रमन, स्वास्थ्य निदेशक बलदेव ठाकुर, समस्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा समिति के गैर सरकारी सदस्य भी बैठक में उपस्थित थे।
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