हिमाचल प्रदेश में कोरोना मरीजों के वार्ड से एकत्र कचरे में कोविड-19 का लेबल लगाना होगा। अलग कलर कोडेड बिन, बैग और कंटेनर में ही कोविड-19 वार्डों का जैविक कचरा रखा जाएगा। इसके लिए जैविक कचरा प्रबंधन नियमों के हिसाब से इसे अलग रखा जाएगा। सावधानी के लिए डबल लेयर बैग का कचरे को एकत्र करने के लिए इस्तेमाल होगा। इससे किसी तरह की लीकेज नहीं होगी। शहरी निकायों की इस जैविक कचरे को नियमानुसार एकत्र करने और ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी होगी। यह आदेश अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने सभी सीएमओ को जारी किए हैं। शहरी निकायों को भी इससे अवगत करवाया है।
संक्रमण रोकने के इन आदेशों के अनुसार जिस कूड़ेदान को इस कचरे के लिए इस्तेमाल किया जाए, उसमें कोविड-19 का लेबल लगा होना चाहिए। उसे ठिकाने लगाने से पहले एक अलग से भंडारण कक्ष होगा। ऐसे आइसोलेशन वार्ड से एकत्र किया गया जैविक कूड़ा वार्डों से सीधे कलेक्शन वैन से एकत्र किया जाएगा। कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड से एकत्र किए कचरे का अलग रिकॉर्ड बनाया जाएगा। कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड से ट्रॉली और कलेक्शन बिन इस्तेमाल होगा। कोविड-19 कचरे का लेबल लगा होना चाहिए। कोविड-19 कचरे के लिए इस्तेमाल होने वाले बर्तन कूड़ेदान और ट्रॉली को एक प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइट के घोल से संक्रमण रहित किया जाएगा। इस कचरे को ठिकाने लगाने के लिए समर्पित सफाई कर्मचारी को अलग से नियुक्त किया जाएंगे। सामान्य कूड़े के लिए अलग से सफाई कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे, जिससे कि यह किसी तरह से मिश्रित न हो जाए।