सूबे की सियासत की तस्वीर बदलने वाले ऑडियो रिकॉर्डिंग कांड में अब नया मोड़ आ गया है। कॉल रिकार्डिंग करने वाले पृथ्वी सिंह ने खुद सामने आकर कहा है कि उसने ही तत्कालीन स्वास्थ्य निदेशक डा एके गुप्ता से हुई उसकी बातचीत को रिकॉर्ड किया था। कहा कि उसने जो सामान सप्लाई किया था उसकी 45 लाख की पेमेंट को डा गुप्ता ने रोक लिया था।
इसी पेमेंट को रिलीज कराने के लिए पांच लाख रुपये की मांग की थी जिसे न चाहते हुए भी देने के लिए हुई बातचीत के दौरान उसने कॉल रिकॉर्ड की थी। सोशल मीडिया में पृथ्वी के इस बयान के वायरल होने के बाद सियासी हलको में हलचल बढ़ गई है। दरअसल, अभी तक पृथ्वी को भाजपा के एक कद्दावर नेता का करीबी बताते हुए यह कहा जा रहा था कि वह नेता के साथ मिलकर भ्रष्टाचार के मामले में संलिप्त था।
लेकिन इस बयान में उसने साफ किया है कि वह अपनेे काम की पेमेंट लेने के लिए ही निदेशक के चक्कर काट रहा था और पेमेंट करवाने के लिए ही उसने पांच लाख की घूस ऑफर की थी। पृथ्वी ने ऑडियो में दावा किया कि उसने यही बयान विजिलेंस ब्यूरो को दिया है और अगर कोई अफसर आगे भी भ्रष्टाचार करेगा तो वह आगे भी पोल खोलेगा। अब देखना यह है कि ब्यूरो की जांच टीम इस बयान को किस तरह लेती है।