स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि कुष्ठ रोगियों को साल में दो बार माइक्रो सेलुलर रबर (एमसीआर) जूते प्रदान किए जाते हैं। रोगियों का पूर्ण इलाज करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में 101 नए कुष्ठ रोगियों की पहचान हुई है। सोलन में सबसे ज्यादा 29 मरीज हैं। कुल्लू और लाहौल स्पीति में बीमारी का नया कुष्ठ का कोई रोगी नहीं है। केंद्र सरकार ने 2030 तक देश को कुष्ठ रोग मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में हिमाचल को भी इस रोग को मुक्त करने के लिए रोगियों की पहचान की जा रही है। 1 अप्रैल 2021 से 31 जनवरी 2022 तक हिमाचल में कुष्ठ रोगियों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया गया।
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आशा कार्यकर्ताओं को विकलांगता के साथ अब कुष्ठ रोग के नए मामलों का पता लगाने के लिए प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। यह राशि प्रति मामले में दो से 250 है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि कुष्ठ रोगियों को साल में दो बार माइक्रो सेलुलर रबर (एमसीआर) जूते प्रदान किए जाते हैं। रोगियों का पूर्ण इलाज करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है।