इसकी जानकारी भी नहीं दी गई। 6 साल के कार्यकाल के दौरान उक्त अधिकारी जहां-जहां टूअर पर गए, वहां क्या कार्य किया। इस संबंध में एक्सईएन कार्यालय बिलासपुर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इस पर समिति ने इस संबंध में सदस्य सचिव प्रदूषण बोर्ड को शिकायत दी थी। जिस पर सदस्य सचिव प्रदूषण बोर्ड शिमला की ओर से जांच के आदेश दिए गए हैं।
समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने बताया की प्रदूषण बोर्ड के एक्सईएन ने मांगी गई सूचना देने से मना कर दिया था। बाद में अपील में जाने के बाद रिकॉर्ड दिया गया। जो जानकारी दी गई थी, वह संतोषजनक नहीं।
15 दिन में मांगी है रिपोर्ट : डॉ. आरके पृथी
सदस्य सचिव प्रदूषण बोर्ड शिमला डॉ. आरके पृथी ने कहा है कि इस मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। 15 दिन के भीतर पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।