मौहल में स्लम एरिया में रह रहे बच्चों ने शनिवार को नंगे पांव तिरंगा यात्रा निकाली। हालांकि, उनके पास तन में पहनने के लिए अच्छे कपडे़ और पैर में पहनने के लिए जूते नहीं हैं, लेकिन तिरंगा फहराने का उनमें जुनून दिखाई दिया।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू के मौहल में स्लम एरिया में रह रहे बच्चों ने शनिवार को नंगे पांव तिरंगा यात्रा निकाली। हालांकि, उनके पास तन में पहनने के लिए अच्छे कपडे़ और पैर में पहनने के लिए जूते नहीं हैं, लेकिन तिरंगा फहराने का उनमें जुनून दिखाई दिया। दो दिन से सड़क पर निकल रही तिरंगा यात्रा को देखकर बच्चों के मन में भी तिरंगा फहराने की हसरत थी। उनके पास तिरंगा खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। एसएसबी शमशी के जवानों ने इन बच्चों को 30 तिरंगे भेंट किए।
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उसके बाद उन्होंने मौहल क्षेत्र में तिरंगा रैली नंगे पांव निकाली। इस दौरान उन्होंने देश भक्ति के नारे के साथ एसएसबी जिंदाबाद के नारे लगाए। एक तिरंगा 25 रुपये में होने के चलते कई गरीब परिवार के बच्चे और लोग तिरंगा नहीं फहरा पाए हैं। इस तरह के परिवारों और बच्चों को तिरंगा भेंट करने के लिए न तो प्रशासन आगे आया न ही सामाजिक संस्थाओं ने कदम उठाए।