एमसीआई ने प्रदेश में डाक्टर बनने का सपना देख रहे युवाओं को करारा झटका दिया है। हिमाचल प्रदेश के मंडी स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीटें आबंटित नहीं हो पाई है।
इसे लेकर नौ जुलाई को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कॉलेज प्रबंधन को पत्र भी भेज दिया है। पत्र में साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि 2014-15 में एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू नहीं की जा सकती हैं। ऐसे में इस साल यहां एडमिशन नहीं हो पाएगा।
हिमाचल को उम्मीद थी कि एडमिशन होने से 50 फीसदी सीटें राज्य को मिलेंगी, लेकिन ऐसा न होने से प्रदेश को तगड़ा झटका लगा है।
सरकार की लापरवाही से झेलना पड़ा नुकसान
इसका मुख्य कारण यह रहा है कि कॉलेज शुरू करने को लेकर ठीक से पैरवी नहीं की गई, जिससे मंत्रालय की ओर से अनुमति नहीं मिली। गोर हो कि यह मेडिकल कॉलेज श्रम मंत्रालय के अंतर्गत आता है।
हिमाचल प्रदेश के आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटों को लेकर तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। 12 जुलाई को फिर से मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की बैठक होगी, जिसमें अंतिम फैसला लिया जाएगा।
एमसीआई की ओर से अब केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को 14 जुलाई को ही अपनी रिपोर्ट भेजी जाएगी। एमसीआई की आठ जुलाई को बैठक थी, लेकिन देश के तमाम सरकारी मेडिकल कॉलेजों पर फैसला नहीं हो पाया।
12 जुलाई को फिर होगी बैठक
अब उन्हीं कॉलेजों के लिए 12 जुलाई को दिल्ली में दूसरी बैठक बुलाई गई है, जिसमें अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई को देश भर के मेडिकल कॉलेजों की संस्तुति एक साथ केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को भेजी जाएगी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य विनीत चौधरी ने बताया कि वीरवार को मंत्रालय में बात की गई थी, लेकिन मंत्रालय की ओर से बताया गया कि 14 जुलाई को ही एमबीबीएस सीटों को लेकर किसी प्रकार की जानकारी मिल पाएगी।