छोटे भाई और बहन अंदर रोने लगे और अंदर से बच्चों के रोने की आवाज सुनकर माता-पिता कमरे की ओर दौड़े तो कमरा अंदर से बंद था। जैसे-तैसे कमरे को खोला गया, लेकिन तब तक बबिता की मौत हो चुकी थी।
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले की पुलिस चौकी अवाहदेवी के तहत सात वर्षीय बच्ची की दुपट्टे से बने झूले में फंसने से मौत हो गई है। अनिल कुमार और उसकी पत्नी सुनीता देवी गांव बज्र मैड़ी तहसील दातागंज जिला बदायूं उत्तर प्रदेश तीन बच्चों सहित अवाहदेवी कस्बे में एक कमरे में रहते हैं और मजदूरी करते हैं। सोमवार सुबह वह अपने कमरे से निकलकर ऊपर की मंजिल में कार्य करने आ गए। इनकी बड़ी बेटी बबिता (7), बेटा अमन (5) और कंचन (1) कमरे में थे।
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बबिता ने अंदर से कमरा बंद किया और दोनों छोटे भाई और बहनों के साथ खेलने लगी। उसने खिड़की के साथ दुपट्टे को बांधकर झूला बनाया और उसमें झूलने लगी। इसी दुपट्टे का झूला उसके गले का फंदा बन गया। उसके छोटे भाई और बहन अंदर रोने लगे और अंदर से बच्चों के रोने की आवाज सुनकर माता-पिता कमरे की ओर दौड़े तो कमरा अंदर से बंद था। जैसे-तैसे कमरे को खोला गया, लेकिन तब तक बबिता की मौत हो चुकी थी। इसकी सूचना पंचायत प्रधान देशराज चंदेल और उपप्रधान अनिल कुमार को दी गई। उन्होंने इस बारे पुलिस को सूचित किया। चौकी प्रभारी ज्ञान चंद ने कहा कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।