नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर जब भी कोई कार्रवाई हुई है, उसका ठीकरा उन्होंने भाजपा पर ही फोड़ा है। देशभर में ईडी उन लोगों की संपत्तियां जब्त कर रही है, जिन्होंने भ्रष्टाचार कर संपत्तियां बनाई हैं। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जमकर भ्रष्टाचार हुए हैं।
इसी के चलते ईडी ने मुख्यमंत्री पर कार्रवाई करते हुए संपत्ति को जब्त किया है, लेकिन इसका ठीकरा सीएम ने भाजपा के सिर पर फोड़ा है। यह मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का पुराना स्टाइल है। कहा कि कोई भी समझदार सरकार ऐसे कुकृत्य अपने राज में नहीं होने देगी।
कोटखाई प्रकरण में मुख्यमंत्री ने जिन पुलिस अधिकारियों की पीठ थपथपाई है, उन सभी को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। ऐसे में पुलिस के साथ मुख्यमंत्री की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। नाबालिग बच्चियों की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या अगर प्रदेश में होंगी तो सरकार क्या काम कर रही है।
ऐसे में सरकार को बर्खास्त करना जरूरी है। पुलिस विभाग मुख्यमंत्री की कठपुतली बन काम कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले पुलिस के सामने फूंके जा रहे हैं तो मुख्यमंत्री पुलिस अधिकारियों की पीठ थपथपा रहे हैं, लेकिन अगर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह
के पुतले जलाए जा रहे हैं तो पुलिस अधिकारी प्रतिनिधियों से भिड़ कर उनका अपमान कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों को ऐसा कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि इन दिनों मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह जितने भी शिलान्यास कर रहे हैं, उनके लिए बजट का कोई प्रावधान नहीं है।