स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर में दाखिले के लिए अब चौथी बार प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर (सीओए) ने परीक्षा के लिए अनुमति प्रदान की है। परीक्षा 17 सितंबर को देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। कई विद्यार्थी आर्किटेक्चर में समय पर दाखिल नहीं ले पाए हैं ऐसे में उन्होंने काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर से दोबारा प्रवेश परीक्षा करवाने की मांग की थी। विद्यार्थियों की मांग पर गौर करते हुए सीओए ने सितंबर में परीक्षा के आयोजन की अनुमति दे दी है।
अनिवार्य विषयों भौतिकी, गणित के अलावा जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, तकनीकी व्यावसायिक विषय, कंप्यूटर विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी इंफॉर्मेटिक्स प्रैक्टिस, इंजीनियरिंग ग्राफिक्स, बिजनेस स्टडीज विषयों के साथ बारहवीं 45 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया है। साथ ही उम्मीदवार को एनटीए (जेईई) या वास्तुकला परिषद की ओर से आयोजित नाटा अभिक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक है। पांच साल के आर्किटेक्चर के प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए सीओए के निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।
चौथी परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को प्रवेश केवल विभिन्न संस्थानों में उपलब्ध शेष बची सीटों पर ही मिलेगा। सभी राज्यों में केंद्रीयकृत प्रवेश काउंसलिंग प्रक्रिया जारी रहेगी और नाटा चतुर्थ परीक्षा के नतीजों से प्रभावित नहीं होगी। परिषद ने केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद वास्तुकला परिषद शिक्षा के न्यूनतम मानक विनियम-2020 के विनियमन 4(1) और (2) में संशोधन किया है। वास्तुकला पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए पात्रता के लिए किए गए संशोधन 19 जुलाई 2023 से लागू होंगे।
एनआईटी-राजीव गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज में होती है आर्किटेक्चर की डिग्री
हिमाचल प्रदेश में एनआईटी हमीरपुर और राजीव गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज नगरोटा बगवां में बी-आर्क(आर्किटेक्चर) की पढ़ाई होती है। नगरोटा बगवां में पांच वर्षीय बी-आर्क की 40 सीटें हैं। एनआईटी में बी-आर्क की 58 सीटें हैं। देश में बनाई जा रहीं स्मार्ट सिटीज और शहरी निकायों में आर्किटेक्चर की डिमांड पहले से काफी ज्यादा बढ़ी है। इसके चलते संस्थानों में बी-आर्क की सीटें जल्दी भर जाती हैं।
बी-आर्क में दाखिले के लिए काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर 17 सितंबर को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के माध्यम से प्रवेश परीक्षा करवाने की मंजूरी दी है। जो विद्यार्थी किसी कारणवश पूर्व में प्रवेश परीक्षा नहीं दे पाए हैं, वह परीक्षा में भाग ले सकते हैं। बिना प्रवेश परीक्षा बी-आर्क में दाखिला नहीं दिया जा सकता।
-डॉ. सतीश कटवाल, एचओडी, स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर नगरोटा बगवां