इसके बाद उन्होंने 1988 में राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर से बीएससी और 1990 में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से रसायन शास्त्र में एमएससी की डिग्री हासिल की। उन्होंने 1990 से 1995 तक वन विभाग में रेंजर के रूप में सेवाएं दीं, लेकिन खाकी पहनने का जुनून उन्हें 1995 में हिमाचल प्रदेश पुलिस सेवा में ले आया। जहां उन्होंने पहले ही प्रयास में परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने मंडी और बिलासपुर में डीएसपी के रूप में अपनी सेवाएं दीं। उन्हें भारत सरकार के इंटेलिजेंस ब्यूरो में प्रतिनियुक्ति मिली, जहां उन्होंने 10 वर्षों (1999-2009) तक देश की आंतरिक सुरक्षा में योगदान दिया। इसके बाद वे दिल्ली पुलिस और अंडमान-निकोबार जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में डीआईजी के पद पर रहे। वहीं, उनकी पत्नी वर्षा शर्मा भी गोवा में डीआईजी पद पर सेवाएं दे रही हैं।