फल उत्पादक संघ ने बागवानों को संयम बरतने की सलाह दी है और पूरी तरह तैयार सेब ही मंडियों में लाने का आग्रह किया है। इस साल करीब 96 दिन बारिश न होने के कारण सूखे की मार के चलते सेब की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों के ऐसे बागीचे जहां सीधी धूप पड़ती है, सेब का आकार और रंग बढ़िया नहीं बना है।
सूखे की मार के कारण इस साल निर्धारित समय पर गुणवत्ता युक्त सेब तैयार नहीं हो पा रहा है। दाम गिरने के डर से कुछ बागवान अब अधपका और निम्न गुणवत्ता वाला सेब मंडियों में ला रहे हैं जिससे और अधिक नुकसान होने का अंदेशा है।फल उत्पादक संघ ने बागवानों को संयम बरतने की सलाह दी है और पूरी तरह तैयार सेब ही मंडियों में लाने का आग्रह किया है। इस साल करीब 96 दिन बारिश न होने के कारण सूखे की मार के चलते सेब की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों के ऐसे बागीचे जहां सीधी धूप पड़ती है, सेब का आकार और रंग बढ़िया नहीं बना है।
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बारिशें शुरू होने के बाद अब गुणवत्ता सुधरनी शुरू हो गई है। फल, फूल एवं सब्जी उत्पादक संघ के प्रदेशाध्यक्ष हरीश चौहान ने कहा कि नुकसान के डर से कुछ बागवान पूरी तरह तैयार होने से पहले अपना सेब मंडियों में ला रहे हैं। बागवानों को मार्केट गिरने का डर सता रहा है। बारिश से सेब की फसल को लाभ हो रहा है इसलिए जल्दबाजी न करें। पूरी तरह तैयार होने के बाद ही अपनी फसल मंडियों में लाएं।