फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाट बाजार: लेटेस्ट फैशन, दाम कम और वैरायटी की पसंदीदा जगह शिमला की तिब्बती मार्केट, जानें इसकी खासियत

Mon, 31 Mar 2025 12:56 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में कपड़ों के लेटेस्ट फैशन और वैरायटी की पसंदीदा जगह आज भी तिब्बती मार्केट है। बदलते ट्रेंड के अनुसार कारोबारी अपने ग्राहकों की कपड़ों की मांग पूरी करते हैं। दशकों से रिज से सटे लक्कड़ बाजार में चल रही तिब्बती मार्केट अब आजीविका भवन में शिफ्ट हो चुकी है। यहां तिब्बती कारोबारियों के अलावा स्थानीय दुकानदार भी हैं। इनके सामने अब नई जगह पर कारोबार बढ़ाने की चुनौती भी है...
विज्ञापन
तिब्बती मार्केट शिमला। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला की लिफ्ट के पास आजीविका भवन में चल रही तिब्बती मार्केट फैशन और वैरायटी के लिए मशहूर है। शहर के युवाओं के अलावा शिमला आने वाले हजारों सैलानी भी कपड़ों के लेटेस्ट फैशन का सामान इस मार्केट में खरीदने के लिए जरूर पहुंचते हैं। छह मंजिला आजीविका भवन में कुल 229 दुकानें हैं। इनमें दो मंजिलों की 170 से ज्यादा दुकानें तिब्बती कारोबारियों की हैं। इनमें 80 फीसदी से ज्यादा कारोबारियों की कपड़ों की दुकानें हैं। बदलते मौसम और फैशन के साथ इनका स्टॉक बदलता रहता है। इंडियन और वेस्टर्न फैशन की जींस, टी शर्ट, शर्ट, जैकेट, स्वेटर, लोअर आदि की बिक्री सबसे ज्यादा है।

विज्ञापन
Trending Videos

शहर के कॉलेजों, स्कूलों में पढ़ने वाले ज्यादातर युवाओं की यह पसंदीदा मार्केट है। इस मार्केट की खास बात यह है कि यहां लेटेस्ट फैशन के अलावा कई वैरायटी के कपड़े आसानी से मिल जाते हैं। आजीविका भवन की ऊपरी दो मंजिलों में स्थानीय तहबाजारियों को भी दुकानें दी गई हैं। ये तहबाजारी पहले शहर के अलग-अलग बाजारों में सामान बेचते थे। अब आजीविका भवन की पक्की दुकानें इन्हें दी गई हैं। इनके पास शहर के बाजारों से सस्ता सामान उपलब्ध है। हालांकि नई जगह पर शिफ्ट हुई इस मार्केट ने अपने हजारों ग्राहक भी खो दिए हैं। कारोबारियों के अनुसार अब सिर्फ पक्के ग्राहक ही यहां पहुंच रहे हैं।

ये है खासियत
एक ही छत के नीचे फैशन के कई विकल्प
आजीविका भवन की तिब्बती मार्केट में एक ही छत के नीचे युवाओं को फैशन के कई विकल्प मिल रहे हैं। नए फैशन के कपड़ों के अलावा यहां टैटू, पार्लर आदि की सुविधा भी है। जूतों, बैग के अलावा खाने-पीने की भी कई दुकानें हैं। इस मार्केट के टैरेस पर पार्किंग सुविधा भी है।

पहले रिज के पास सजती थी तिब्बती मार्केट
शिमला की तिब्बती मार्केट पहले रिज से सटे लक्कड़ बाजार के पास सजती थी। यहां शहरवासियों के साथ सैलानियों का भी खरीदारी करने के लिए जमावड़ा लगा रहता था। यह सिंकिंग जोन था, जहां हर साल भूस्खलन होता था। साल 2008-09 को बरसात में यहां बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ था। इसमें तिब्बती मार्केट की आधा दर्जन से ज्यादा दुकानें दब गई थीं। इसके बाद इस मार्केट को यहां से शिफ्ट करने का फैसला लिया गया। नगर निगम ने लिफ्ट के पास आजीविका भवन का निर्माण किया। साल 2022 में तिब्बती मार्केट को यहां शिफ्ट किया गया।

मार्केट नई, चुनौतियां कईं
आजीविका भवन में चल रही दो साल पुरानी इस मार्केट में कई चुनौतियां हैं। शिमला आने वाले ज्यादातर सैलानियों को अभी तिब्बती मार्केट का पता नहीं है। मार्केट की हर मंजिल पर आवाजाही के लिए रास्ते भी नहीं हैं। इससे कारोबार पर असर पड़ रहा है। मार्केट की ऊपरी मंजिलों को जोड़ने वाला सब्जी मंडी का रास्ता खस्ताहाल है। गंदगी और बदबू के चलते आम लोग और सैलानी यहां से गुजरना तक पसंद नहीं करते। तहबाजारियों को आवंटित ज्यादातर दुकानें बंद पड़ी हैं। कारोबारियों के अनुसार भवन में लगाई लिफ्ट में दस रुपये किराया लगता है। यह पहली मार्केट है जहां आने का भी किराया देना पड़ता है। इसके चलते ग्राहक कम ही आते हैं।

फैशन, फैब्रिक और रेट है पहचान
लेटेस्ट फैशन, अच्छा, सबसे अलग फैब्रिक और सस्ता रेट तिब्बती मार्केट की पहचान है। हमारे ज्यादातर ग्राहक युवा हैं। युवाओं को नया फैशन चाहिए और हमारी तिब्बती मार्केट में यह आसानी से मिल जाएगा। -कलसंग सेरिंग, पूर्व प्रधान तिब्बती मार्केट

मार्केट के लिए नहीं है अलग रास्ता
मार्केट नई है, लोगों को इसका ज्यादा पता नहीं है इसलिए कम ग्राहक ही आ रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों को दी पांचवीं मंजिल के लिए बाहर से अलग रास्ता भी नहीं है। इसलिए यहां ग्राहक नहीं पहुंच पाते। कई बार यह मांग उठा चुके हैं। निगम को इस बारे में सोचना चाहिए।-शिव प्रकाश गुप्ता, दुकानदार

सब्जी मंडी का रास्ता सुधरे तो चमके मार्केट
आजीविका भवन में कारोबार अभी मंदा है। इसका बड़ा कारण सब्जी मंडी सड़क की खस्ताहालत भी है। यह सड़क सुधरे तो यहां ग्राहक बढ़ सकते हैं। कई बार यहां सीवरेज लाइनें टूटी रहती हैं। हर साल किराया बढ़ाना भी ठीक नहीं है।
-विजय कुमार, दुकानदार
 
विज्ञापन

नई मार्केट को प्रमोट करने की जरूरत
नए भवन में शिफ्ट की गई मार्केट को प्रमोट करने की जरूरत है। भवन के बाहर मार्केट का नाम लिखना चाहिए ताकि लिफ्ट के पास गाड़ियों से उतरते ही सैलानियों को इसका पता चल सके। टूरिस्ट सेंटर में भी पंफ्लेट आदि से तिब्बती मार्केट की जानकारी दी जाए।-सेरिंग छोडेन, कार्यकारी सदस्य तिब्बती मार्केट
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें