केएनएच में सिर्फ प्रसूति महिलाओं को ही मिलेगा अब उपचार, अन्य गायनी मरीजों को जाना होगा आईजीएमसी
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ब्लॉक-ए में दो ओपीडी कक्ष, एक माइनर ओटी, वार्ड तैयार अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। महिलाओं में बढ़ते विरोध के बीच गायनी से संबंधित मरीजों की वीरवार से इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में ओपीडी लगेगी। अब महिलाओं को गायनी से संबंधित उपचार के लिए आईजीएमसी ही जाना पड़ेगा।
आईजीएमसी में ब्लॉक-ए में दो नंबर वार्ड, एक माइनर ओटी और वार्ड की सुविधा पहले चरण में दी गई है। इससे पहले महिलाओं को गायनी से संबंधित उपचार भी कमला नेहरू अस्पताल में मिलता था। इसके साथ प्रसूति महिलाओं भी केएनएच आती थीं लेकिन अब अस्पताल दो हिस्सों में बंट गया है। केएनएच में केवल प्रसूति महिलाओं को ही उपचार की सुविधा मिलेगी। केएनएच से गायनी ओपीडी आईजीएमसी शिफ्ट कर दी है।
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ओपीडी शिफ्ट होने से महिलाओं को शुरुआती दिनों में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। दूसरी ओर गायनी ओपीडी के शिफ्ट करने से महिलाओं में विरोध बढ़ गया है। महिला संगठन और समितियों ने सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है। वहीं सरकार ने बेहतर सुविधाओं के साथ रोबोटिक सर्जरी से ऑपरेशन करने का दावा किया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान केवल ओपीडी को शिफ्ट करने की बात कह चुके हैं, लेकिन महिलाओं ने मुख्यमंत्री की ओर से दिए बयान की निंदा की है।
गौरतलब है कि प्रदेश के एकमात्र स्त्री रोग और मातृ एवं शिशु कमला नेहरू अस्पताल है। यहां पर प्रदेशभर से महिलाएं उपचार के लिए आती हैं। एक अप्रैल से गायनी ओपीडी को कमला नेहरू अस्पताल और आईजीएमसी में चलाया जा रहा है, लेकिन 16 अप्रैल से केएनएच में गायनी संबंधित मरीजों को केएनएच में उपचार ही नहीं मिलेगा।
आईजीएमसी में 30 को होगा प्रदर्शन
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने 30 अप्रैल को आईजीएमसी में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। इससे पहले महिलाएं सचिवालय तक मार्च भी निकालेंगी। वहीं आगामी दिनों में भी महिलाओं ने केएनएच के बाहर प्रदर्शन करने का मन बनाया है। सोमवार को भी महिलाएं सरकार के खिलाफ माेर्चा खोल चुकी हैं। साथ ही मांग कर चुकी है कि गायनी ओपीडी को शिफ्ट न कर यहीं सुविधाओं को बढ़ाया जाए।
कोट सीएम कर रहे हैं महिलाओं की उपेक्षा
मुख्यमंत्री महिलाओं के स्वास्थ्य की उपेक्षा कर रहे हैं। गायनी और प्रसूति विभाग दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। अगर एक विभाग को शिफ्ट किया जाता है तो दूसरे विभाग को नुकसान होता है। अब महिलाओं को एक जगह से दूसरी जगह के लिए धक्के खाने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री रोबोटिक सर्जरी की सुविधा देना चाहते हैं तो वह केएनएच में भी दी जा सकती है। साथ ही पुरानी मशीनों को बदलकर नई लगवाई जाएं। सरकार ने फैसला वापस न लिया तो महिलाएं एकजुट होकर लड़ाई को लड़ेगी। -फालमा चौहान, राज्य सचिव, अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति